योगेश सिंह राजपूत, बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में नवजात शिशु की मौत के बाद बवाल मच गया। प्रसव के दौरान नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं हंगामे की सूचना पर मौके पर पहुंचे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शरद कोहड़े ने परिजनों को समझाइश दी, जिसके बाद वे शांत हुए। यह मामला ग्राम मरका स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है।

प्रसव के दौरान लापरवाही का आरोप

जानकारी के अनुसार, बाराडेरा निवासी नीतू साहू को प्रसव पीड़ा होने पर गुरुवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरका में भर्ती कराया गया था। रात करीब 9 बजे उनका प्रसव हुआ, लेकिन नवजात शिशु की मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि लेबर पेन से पहले जांच की गई थी, जिसमें बच्चे की हालत ठीक बताई गई थी। इसके बावजूद प्रसव कराने वाले नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही के कारण नवजात की मौत हुई। परिजनों का यह भी कहना है कि मरीज को दोपहर में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई घंटे बीत जाने के बाद उन्होंने छुट्टी देने की मांग भी की, लेकिन जबरन डिलवरी कराया गया। प्रसव के बाद उन्हें जच्चा-बच्चा की स्थिति की जानकारी भी नहीं दी गई। वहीं परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए : CMHO
मामले की जानकारी मिलने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शरद कोहड़े मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाइश दी। सीएमएचओ ने कहा कि परिजनों के आरोप प्रथम दृष्टया जांच में सही पाए गए हैं। संबंधित नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च कार्यालय को भेजा जाएगा। साथ ही, पीएचसी में पदस्थ स्वास्थ्य अधिकारी को भी शोकॉज नोटिस दिया जाएगा।
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