उत्तराखंड विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 28 मार्च 2027 को समाप्त होना है और राज्य में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं. भाजपा ने संगठन और हारी हुई सीटों पर फोकस बढ़ाया है, जबकि कांग्रेस ने आंतरिक सर्वे और वरिष्ठ नेताओं के दौरों की तैयारी शुरू की है.

देहरादून. उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं. राज्य विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 28 मार्च 2027 को समाप्त होना है. ऐसे में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच दोनों प्रमुख दल अपने-अपने स्तर पर रणनीति बनाने में जुटे हैं.

2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 47 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को 19 सीटें मिली थीं. अब आगामी चुनाव के लिए भाजपा संगठन को मजबूत करने और पिछली बार हारी सीटों पर विशेष ध्यान देने की दिशा में काम कर रही है.

भाजपा का संगठन पर फोकस

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उत्तराखंड दौरे के दौरान 2027 चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठनात्मक बैठकों में चर्चा हुई. हल्द्वानी में हुई विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने, युवा और महिला मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने, सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने और विपक्ष के नैरेटिव का जवाब देने समेत सात एजेंडों पर फोकस रखा गया.

भाजपा ने 2022 में जिन 23 विधानसभा सीटों पर हार का सामना किया था, उन पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया है. रिपोर्टों के अनुसार इन क्षेत्रों में स्थानीय नेतृत्व और बूथ प्रबंधन को मजबूत करने की रणनीति बनाई जा रही है.

पार्टी की ओर से सेवा संकल्प अभियान, जन-जन तक पहुंच और डिजिटल प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों के जरिए संगठनात्मक गतिविधियां आगे बढ़ाई जा रही हैं. साथ ही आंतरिक सर्वे के जरिए संभावित उम्मीदवारों और विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े फीडबैक पर भी काम किया जा रहा है.

भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने सरकार के विकास कार्यों और योजनाओं को चुनावी तैयारी के प्रमुख आधारों में शामिल बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में विकास कार्य आगे बढ़ रहे हैं.

कांग्रेस की भी तैयारी

कांग्रेस ने भी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन और चुनावी रणनीति पर काम तेज किया है. पार्टी की ओर से आंतरिक सर्वे के जरिए विधानसभा क्षेत्रों, संगठन, संभावित उम्मीदवारों और स्थानीय मुद्दों से जुड़ा फीडबैक जुटाने की बात कही गई है.

कांग्रेस की चुनावी तैयारियों में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के उत्तराखंड दौरों की योजना भी शामिल है. इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठकों में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों और राज्य संगठन को मजबूत करने पर चर्चा हो चुकी है.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की ओर से भी केंद्रीय नेतृत्व के वरिष्ठ नेताओं के उत्तराखंड दौरों की बात कही गई है. पार्टी की ओर से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आगामी कार्यक्रमों को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं.

कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने पार्टी के नेतृत्व और संगठन को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी चुनाव में पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी. भाजपा की ओर से किए गए दावों पर भी उन्होंने सवाल उठाए.

चुनावी गतिविधियां बढ़ीं

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच मुद्दों और संगठनात्मक तैयारियों पर जोर बढ़ रहा है. भाजपा सरकार की उपलब्धियों और संगठन विस्तार पर केंद्रित गतिविधियां आगे बढ़ा रही है, जबकि कांग्रेस स्थानीय मुद्दों और वरिष्ठ नेताओं के कार्यक्रमों के जरिए अपनी तैयारी कर रही है.

फिलहाल 2027 विधानसभा चुनाव की आधिकारिक तारीखों की घोषणा नहीं हुई है. निर्वाचन आयोग के अनुसार उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल 28 मार्च 2027 तक है, इसलिए चुनावी कार्यक्रम की घोषणा बाद में की जाएगी.