देहरादून. उत्तराखंड में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा, पान मसाला समेत अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगा दी गई है. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त ने इसे लेकर 13 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर दिया है. जिसके तहत पूरे प्रदेश में ऐसे उत्पादों की बिक्री रोकने का प्रावधान किया गया है. प्रतिबंध के दायरे में वो उत्पाद भी शामिल हैं, जिनमें तंबाकू या निकोटीन अलग से मिलाकर बेचा जाता है.

जारी आदेश में कहा गया है कि ‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 (2006 का 34) की धारा 26 सपठित धारा 92 की उपधारा (2) के खण्ड (झ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय खाद्य सुरक्षा तथा मानक प्राधिकरण द्वारा निर्मित खाद्य सुरक्षा और मानक (विक्रय प्रतिषेध और निर्बन्धन) विनियम, 2011 के विनियम 2.3.4 के अधीन “किसी खाद्य उत्पाद में संघटकों के रूप में तम्बाकू और निकोटिन का उपयोग प्रतिबन्धित किया गया है और जैसा कि गुटका तथा पान मसाला खाद्य उत्पाद है, इन उत्पादों में तम्बाकू और निकोटिन का उपयोग संघटक के रूप में किया जा रहा है.’

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आदेश में आगे लिखा है कि ‘खाद्य उत्पादों में तम्बाकू तथा निकोटिन का बहुत ज्यादा संघटक के रूप में प्रयोग किया जा रहा है, जिसे जन स्वास्थ्य के हित में गुटका तथा पान मसाला निषिद्ध किया जाना आवश्यक है और जैसा कि खाद्य सुरक्षा तथा मानक अधिनियम 2006 की धारा 30 की उपधारा (2) के अधीन राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्त, जन स्वास्थ्य के दृष्टिगत राज्य के किसी भाग या पूरे राज्य में एक वर्ष तक के लिये किसी भी खाद्य पदार्थो के निर्माण, भण्डारण, वितरण, बिक्री को पूरे राज्य में प्रतिबन्धित कर सकता है.’

‘अतएव अब खाद्य सुरक्षा तथा मानक (विक्रय प्रतिषेध और निर्बन्धन) विनियम 2011 के विनियम 2.3.4 का अनुसरण करते हुए तम्बाकू तथा निकोटिन युक्त गुटका, पान मसाला या अन्य खाद्य पदार्थ जो किसी भी नाम से बाजार में उपलब्ध हों, जन स्वास्थ्य के दृष्टिगत सम्पूर्ण राज्य में इस आदेश के निर्गत होने की तारीख से एक वर्ष तक अवधि के लिए निर्माण, भण्डारण, वितरण एवं बिक्री को प्रतिबन्धित करते है.’