चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन विष्णुगढ़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में हुए हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है। हादसे में जान गंवाने वालों में झारखंड के दो श्रमिक भी शामिल हैं। गुरुवार शाम सुरंग में अचानक भू-धंसाव के बाद बड़ी मात्रा में मलबा और पानी भर गया था, जिसके चलते कई मजदूर अंदर फंस गए थे।
रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद रातभर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। अब तक 21 मजदूरों को सुरंग से बाहर निकाला जा चुका है। इनमें 7 की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 14 घायल मजदूरों का इलाज गोपेश्वर जिला अस्पताल में चल रहा है। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
झारखंड के दो मजदूरों की मौत
हादसे में झारखंड के विजय कुमार (28) और जितेंद्र कुमार की मौत की जानकारी सामने आई है। दोनों श्रमिक इस परियोजना में काम कर रहे थे।
झारखंड के ये मजदूर अस्पताल में भर्ती
गोपेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती झारखंड के श्रमिकों में हाबिल गुड़िया, निस्तर भिगंरा, विनोद रावना, दीना बेगरा और खेला राम बिसरा शामिल हैं। सभी का उपचार किया जा रहा है।
सीएम हेमंत सोरेन ने ली जानकारी
हादसे के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली थी। झारखंड सरकार की ओर से श्रमिकों और उनके परिजनों की मदद के लिए हेल्पलाइन भी जारी की गई है।
सुरंग में अभी भी रेस्क्यू अभियान जारी
सुरंग में भू-धंसाव के कारण भारी मात्रा में मलबा जमा है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में चुनौती आ रही है। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। सुरंग के अंदर अब भी कुछ श्रमिकों के फंसे होने की आशंका है। अधिकारी पूरे ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं।


