पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने हाल ही में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन से मुलाकात कर राज्य के कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने वैशाली के राघोपुर नाव हादसे, बाढ़ की तबाही, बुनियादी ढांचे की बदहाली और युवाओं के रोजगार जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया। सांसद ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
पीड़ितों के लिए मुआवजे और सुरक्षा की मांग
सांसद पप्पू यादव ने राघोपुर नाव हादसे पर गहरी चिंता जताते हुए सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोली। उन्होंने सवाल किया कि जलमार्गों पर लाइफ जैकेट, सरकारी नावों और एसडीआरएफ की पर्याप्त तैनाती क्यों नहीं की जाती है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने की जोरदार मांग की है।
बाढ़, पुल और बांधों की उच्चस्तरीय जांच
बिहार में लगातार टूट रहे बांधों और क्षतिग्रस्त हो रहे पुलों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने निर्माण कंपनियों और जिम्मेदार अधिकारियों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना था कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण जनता को यह सब भुगतना पड़ रहा है। इसके अलावा, उन्होंने बाढ़ से प्रभावित करीब 56 लाख लोगों की सुरक्षा और राहत सुनिश्चित करने के लिए राज्यपाल से केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर पहल करने का आग्रह किया।
युवाओं के रोजगार के लिए डोमिसाइल नीति
शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी के मुद्दे पर बात करते हुए पप्पू यादव ने मांग की कि बिहार के युवाओं को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने राज्य में 80 से 85 प्रतिशत तक डोमिसाइल नीति लागू करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं का हक मारा जा रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक हलचल और नेताओं पर निशाना
आपदा के समय नेताओं के रवैये पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जब आम जनता पानी और दुर्घटनाओं से जूझ रही है, तब नेता एमएलसी चुनाव के प्रचार में व्यस्त हैं। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और नीतीश कुमार को अपनी तरफ आने का न्योता दिया। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में उन्हीं की सरकार बनने वाली है। राज्यपाल से मिलने के तुरंत बाद सांसद राघोपुर में पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए रवाना हो गए।

