Vande Bharat Train Speed: जम्मू-कश्मीर में भारतीय रेलवे ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वंदे भारत एक्सप्रेस जम्मू-श्रीनगर रेल मार्ग पर स्थित दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल चिनाब पुल और भारत के पहले केबल-स्टे रेलवे पुल अंजी पुल को 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पार करती नजर आई।
कटरा-बनिहाल रेल सेक्शन पर बढ़ी स्पीड
रेलवे ने श्री माता वैष्णो देवी कटरा-बनिहाल के 111 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर अधिकतम अनुमत गति सीमा को बढ़ाकर 100 किमी/घंटा कर दिया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, बढ़ी हुई गति का सफल परीक्षण किया गया है।
वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 26401/26404) ने पहली बार इन दोनों महत्वपूर्ण पुलों को 100 किमी/घंटा की रफ्तार से पार किया। रेलवे के अनुसार, इस बदलाव से USBRL (उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक) परियोजना पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम होगा और यात्रा समय में कमी आने की उम्मीद है।
पहले 85 और 75 किमी/घंटा थी अधिकतम स्पीड
उत्तरी रेलवे के अनुसार, पहले कटरा-संगलदान सेक्शन पर अधिकतम 85 किमी/घंटा और संगलदान-बनिहाल सेक्शन पर 75 किमी/घंटा की गति सीमा थी। सुरक्षा संबंधी निर्धारित शर्तों को पूरा किए जाने की पुष्टि के बाद रेल मंत्रालय ने गति सीमा बढ़ाकर 100 किमी/घंटा करने की मंजूरी दी।
चिनाब और अंजी पुल क्यों हैं खास?
चिनाब रेलवे ब्रिज रियासी जिले में चिनाब नदी से करीब 359 मीटर ऊपर बना है और इसे दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल माना जाता है। वहीं, अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टे रेलवे पुल है। यह गहरी अंजी खड्ड घाटी के ऊपर बना है और केंद्रीय तोरण तथा केबल-स्टे प्रणाली के जरिए रेलवे डेक को सहारा देता है।
यह स्पीड अपग्रेड जम्मू-कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है और यात्रियों को तेज, सुगम और आरामदायक रेल यात्रा उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम है।
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