गुजरात के जामनगर स्थित वंतारा में वन्यजीव संरक्षण और प्राणी कल्याण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए यूरेशियन एसोसिएशन ऑफ जू एंड एक्वेरियम्स (EARAZA 2026) के वैश्विक सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय महाकुंभ में दुनिया भर के वन्यजीव विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और प्राणी उद्यान प्रतिनिधियों ने एक मंच पर आकर वन्यजीवों के उज्ज्वल भविष्य और आधुनिक संरक्षण रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।

इस सम्मेलन में दुनिया के 30 देशों के 98 प्रमुख संस्थानों और भारत के 29 प्रतिष्ठित चिड़ियाघर संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वन्यजीव संरक्षण की दिशा में मिलकर काम करना, विचारों का आदान-प्रदान करना और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से प्राणी कल्याण को बढ़ावा देना था।

सम्मेलन के दौरान वंतारा ने अपने विशेष प्राणी उद्यान प्रबंधन और ओपन डेटा एक्सचेंज प्लेटफॉर्म ‘ANTZ’ को सभी EARAZA सदस्यों के लिए एक साल तक निःशुल्क उपलब्ध कराने का बड़ा फैसला किया। इस कदम से विश्वभर के चिड़ियाघर और अनुसंधान केंद्र एक-दूसरे के साथ वन्यजीवों से जुड़ा डेटा और अनुभव आसानी से साझा कर सकेंगे। EARAZA की अध्यक्ष स्वेतलाना अकुलोवा ने इस पहल की सराहना करते हुए वैश्विक जैव विविधता डेटा प्रणाली को समय की आवश्यकता बताया, ताकि दुनिया के किसी भी कोने में हुए सफल प्रयोगों से अन्य संस्थान भी सीख ले सकें।

सम्मेलन में संकटग्रस्त प्रजातियों को बचाने के लिए सीमा पार सहयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने अमूर टाइगर, ओरिएंटल सारस, ब्लाकिस्टन ईगल-उल्लू और गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) जैसी विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए तैयार समन्वित कार्यक्रमों पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके अलावा, सम्मेलन में जानवरों के स्वास्थ्य, आपातकालीन तैयारियों और मापने योग्य ठोस परिणामों पर जोर दिया गया।

आधुनिक तकनीक के प्रदर्शन सत्र में ANTZ द्वारा विकसित ऑन-डिवाइस वॉयस रिकग्निशन, स्मार्ट एग एनालिसिस और एनएफसी आधारित डिजिटल लॉगिंग जैसी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जो वन्यजीवों की देखभाल को अधिक सटीक और सुगम बनाएंगी। सम्मेलन में बने ‘सोल्यूशन स्टेशन’ ने विशेषज्ञों को वास्तविक समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजने का अवसर दिया।

कार्यक्रम में संरक्षण के प्रति जनजागरूकता फैलाने में जनसंचार और सिटिजन साइंस की भूमिका पर भी विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले छह दिग्गज विशेषज्ञों को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया, जबकि ‘इंडियन जू ईयर बुक 2026’ के 11वें वॉल्यूम का विमोचन भी संपन्न हुआ।

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