वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को गंगा घाटों के आसपास भारतीय वायुसेना का एयर शो आयोजित करने की तैयारी है. आयोजन के लिए सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है, जबकि 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की सूचना है.
वाराणसी. जिले में 22, 24 और 25 अक्टूबर 2026 को गंगा घाटों के आसपास भारतीय वायुसेना के एयर शो के आयोजन की तैयारी की जा रही है. जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से मिली जानकारी के अनुसार, इस दौरान लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर हवाई प्रदर्शन करेंगे. कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और सैन्य अधिकारी सुरक्षा तथा भीड़ प्रबंधन की तैयारियों में जुटे हैं.
नमो घाट से अस्सी घाट तक तैयारी
एयर शो के लिए नमो घाट से अस्सी घाट तक व्यवस्थाएं की जा रही हैं. घाटों पर बैरिकेडिंग के साथ लोगों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन को ध्यान में रखकर इंतजाम किए जा रहे हैं.
आयोजन के दौरान गंगा के दोनों किनारों से हवाई प्रदर्शन देखने की व्यवस्था की जा रही है. नदी के दूसरी ओर भी दर्शकों के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि लोग व्यवस्थित तरीके से कार्यक्रम देख सकें.
प्रधानमंत्री के आने की सूचना
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सेना प्रमुख धीरज सेठ, वायुसेना प्रमुख अमरप्रीत सिंह और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन. एस. राजा के कार्यक्रम में शामिल होने की सूचना है. आयोजन में विदेशी मेहमानों के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है.
हालांकि, इन अतिथियों की उपस्थिति को लेकर उपलब्ध जानकारी में इसे सूचना के तौर पर बताया गया है.
सुरक्षा और यातायात की योजना
आयोजन को व्यवस्थित बनाने के लिए घाटों के आसपास 31 सेक्टर बनाए गए हैं, जबकि शहर को 50 से अधिक सेक्टरों में बांटने की योजना है. सुरक्षा व्यवस्था के लिए अस्थायी थाने भी बनाए जा रहे हैं. इसके अलावा, दूसरे जिलों से मजिस्ट्रेटों को भी तैनात करने की तैयारी है.
रोजाना एक घंटे का प्रदर्शन
तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में प्रत्येक दिन एक घंटे का एयर शो आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है. प्रशासन की कोशिश है कि दर्शकों की भीड़ एक ही समय पर किसी एक स्थान पर जमा न हो और लोगों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित माहौल में हवाई प्रदर्शन देखने का अवसर मिले.
आयोजन के दौरान यातायात नियंत्रण, सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

