वाराणसी. चोलापुर के ढेरही टोल प्लाजा पर बुधवार(30 सितंबर) को टोल वसूली और अधिग्रहित जमीन का मुआवजा नहीं मिलने के विरोध में किसानों के प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ गई. पुलिस के लाठीचार्ज के बाद मची भगदड़ में 60 वर्षीय किसान मृत्युंजय सिंह की मौत हो गई. एक अन्य किसान के घायल होने की भी खबर है.

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टोल प्लाजा पर जुटे थे बड़ी संख्या में किसान

किसानों ने टोल वसूली और जमीन के मुआवजे को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया था. इसे देखते हुए सुबह से ही टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था. पुलिस ने एहतियातन कई लोगों को हाउस अरेस्ट भी किया था. इसके बावजूद दोपहर तक बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मौके पर पहुंचने लगे. कई स्थानों पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया.

हिरासत के बाद बढ़ा तनाव, पथराव की सूचना

बताया गया कि किसान नेता अजीत सिंह पुलिस को चकमा देकर समर्थकों के साथ टोल प्लाजा के पास पहुंच गए. पुलिस के मुताबिक, अजीत सिंह ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने समय रहते उन्हें बचा लिया. इसके बाद उन्हें कुछ अन्य लोगों के साथ हिरासत में लिया गया. पुलिस जब हिरासत में लिए गए लोगों को वाहन से ले जाने लगी तो किसानों ने वाहन को घेर लिया. इससे मौके पर तनाव बढ़ गया और धक्का-मुक्की शुरू हो गई. इसके बाद पथराव की स्थिति बनी. पुलिस ने किसानों को पीछे हटाने के लिए लाठीचार्ज किया.

बाइक से भागते समय डिवाइडर से टकराए मृत्युंजय

पुलिस के अनुसार, लाठीचार्ज से बचने के दौरान मृत्युंजय सिंह बाइक से भाग रहे थे. इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और बाइक डिवाइडर से टकरा गई. हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. घटना में एक अन्य किसान के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है.

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मौत की खबर के बाद हाईवे जाम

मृत्युंजय सिंह की मौत की जानकारी मिलने के बाद किसानों में आक्रोश फैल गया. प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम कर दिया. सूचना मिलने पर बीजेपी विधायक त्रिभुवन राम मौके पर पहुंचे और किसानों की बात सुनी. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री को घटना की जानकारी दी गई है और सीएम ने टोल वसूली स्थगित करने के निर्देश दिए हैं. इसके बाद किसानों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया और हाईवे से हट गए.