सत्या राजपूत, रायपुर। छत्तीसगढ़ में विकसित भारत जी राम जी (VB-G RAM G) योजना के तहत कार्यरत तकनीकी सहायक 13 से 15 अक्टूबर तक तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल और धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेश के सभी 33 जिलों में राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर यह आंदोलन किया जा रहा है। संघ ने नियमितीकरण समेत तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इसके साथ ही 4 सूत्रीय समस्याओं के समाधान की मांग की गई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिवसीय हड़ताल के बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।

नियमितीकरण समेत तीन प्रमुख मांगें

  1. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत विकसित भारत जी राम जी में कार्यरत समस्त तकनीकी सहायकों के नियमित पद सृजित करते हुए समायोजन किया जाए।
  2. नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक समस्त तकनीकी सहायकों की सेवा शर्तों के लिए पंचायत विभाग में कार्यरत ग्राम पंचायत सचिवों की भांति स्थायीकरण नियमावली तत्काल लागू की जाए।
  3. विकसित भारत जी राम जी में कार्यरत तकनीकी सहायकों का पदनाम परिवर्तन कर तकनीकी सहायक के स्थान पर कनिष्ठ अभियंता (वीबी जी राम जी) किया जाए।

तकनीकी सहायकों ने समस्याओं के की समाधान की मांग

  1. मांग आधारित योजना को लक्ष्य आधारित बनाने से मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का आरोप

संघ का कहना है कि वीबी-जी राम जी मूल रूप से मांग आधारित रोजगार योजना है, लेकिन इसे लक्ष्य आधारित योजना का रूप देकर तकनीकी सहायकों पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। लक्ष्य पूरा करने की पूरी जिम्मेदारी तकनीकी सहायकों पर डाल दी जाती है। संघ का आरोप है कि मूल दायित्वों के अलावा अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपे जाने से तकनीकी सहायकों का मानसिक और शारीरिक शोषण हो रहा है। इसके कारण कर्मचारी मानसिक तनाव में हैं।

  1. प्रधानमंत्री आवास निर्माण की अन्यायपूर्ण जवाबदेही का आरोप

संघ के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास निर्माण के लिए ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक अलग व्यवस्था और अमला है। इसके बावजूद वीबी-जी राम जी के तकनीकी सहायकों को आवास निर्माण की पूरी जिम्मेदारी सौंप दी जाती है।

संघ का आरोप है कि जिला और जनपद स्तर पर आवास पूर्ण कराने के लिए साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित किए जाते हैं और इसकी जिम्मेदारी तकनीकी सहायकों पर डाल दी जाती है, जबकि आवास निर्माण कराना उनके मूल दायित्वों में शामिल नहीं है। संघ का कहना है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और भौतिक बैठकों के माध्यम से आवास निर्माण के साप्ताहिक लक्ष्य दिए जाते हैं। लक्ष्य पूरा नहीं होने पर सेवा से बर्खास्त करने, वेतन काटने या रोकने जैसी धमकियां दी जाती हैं। इससे कर्मचारी मानसिक तनाव में हैं और अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। संघ ने सरकार से इस समस्या का गंभीरता से समाधान करने की मांग की है।

  1. तकनीकी कार्यों के बावजूद काम नहीं करने का आरोप लगाने पर आपत्ति

संघ का कहना है कि वीबी-जी राम जी योजना के तहत सभी कार्य तकनीकी प्रणालियों के माध्यम से किए जा रहे हैं। इनमें वीजीपीपी, युक्तधारा, सिक्योर और ए-एमबी जैसी प्रणालियां शामिल हैं, जिन पर तकनीकी सहायक काम करते हैं। निर्माण कार्यों का मूल्यांकन भी निर्धारित समय सीमा में ऑनलाइन और ऑफलाइन किया जाता है।

संघ के अनुसार, इन जिम्मेदारियों के निर्वहन में ही कर्मचारियों का अधिकांश कार्यालयीन समय निकल जाता है। इसके बावजूद जिला और जनपद स्तर पर तकनीकी सहायकों के काम नहीं करने संबंधी गलत टिप्पणियां और रिपोर्ट भेजे जाने का आरोप है, जिससे उनकी छवि धूमिल होती है। संघ का यह भी कहना है कि एक ओर तकनीकी सहायकों को उनके मूल दायित्वों से अलग अन्य कार्य सौंपे जाते हैं, वहीं दूसरी ओर काम नहीं करने का आरोप लगाकर कार्रवाई की धमकी दी जाती है।

संघ के अध्यक्ष ने कही यह बात

संघ के अध्यक्ष शिव शंकर ने कहा कि तीन दिवसीय हड़ताल में मांगें नहीं मानी गईं, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। जो वादा किया गया था कि नियमितीकरण करेंगे, वो नियमितीकरण किया जाए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत विकसित भारत जी राम जी में कार्यरत समस्त तकनीकी सहायकों का नियमित पद सृजित करते हुए समायोजन किया जाए। नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक समस्त तकनीकी सहायकों की सेवा शर्तें पंचायत विभाग में कार्यरत ग्राम पंचायत सचिवों की भांति स्थायीकरण नियमावली तत्काल लागू की जाए। विकसित भारत जी राम जी में कार्यरत तकनीकी सहायकों का पदनाम परिवर्तन कर तकनीकी सहायक के स्थान पर कनिष्ठ अभियंता (VB G RAM G) किया जाए।