Business Desk : रसोई के बजट पर महंगाई का दबाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पहले प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ाई और अब नींबू-अदरक भी महंगे होते जा रहे हैं।
इसका असर सिर्फ स्थानीय सब्जी मंडियों तक सीमित नहीं है, बल्कि Quick Commerce Platforms जैसे Blinkit, Zepto और Instamart पर भी दिखाई दे रहा है। ऐसे में रोजमर्रा की सब्जियों और मसालों पर होने वाला खर्च बढ़ने से घर का Kitchen Budget बिगड़ रहा है।
Blinkit, Zepto और Instamart पर कितने हैं दाम?
आपके दिए आंकड़ों के मुताबिक, इन प्लेटफॉर्म्स पर 1 किलो नींबू की कीमत ₹300 से ज्यादा पहुंच गई है। वहीं 200 ग्राम नींबू करीब ₹56-60 में मिल रहा है। अदरक की कीमत भी बढ़ी हुई है और 1 किलो अदरक ₹200 से ऊपर बिक रहा है, जबकि 200 ग्राम के लिए करीब ₹40-45 खर्च करने पड़ रहे हैं।
अदरक और नींबू के अलावा लहसुन, आलू और प्याज की कीमतें भी चिंता बढ़ा रही हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर 100 ग्राम लहसुन करीब ₹40-45 और 1 किलो प्याज करीब ₹70 के आसपास दिखाई दे रहा है। हालांकि Quick Commerce में कीमतें शहर, समय, उपलब्धता और ऑफर्स के हिसाब से बदल सकती हैं।
मंडियों में भी दिख रहा महंगे दाम का असर
महंगे नींबू और अदरक की तस्वीर केवल Online Grocery तक सीमित नहीं है। कई स्थानीय बाजारों और सब्जी मंडियों में भी कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। इसका सीधा असर उन परिवारों पर पड़ता है जिनके मासिक खर्च में सब्जियों की हिस्सेदारी पहले से ही बड़ी है।
प्याज के मामले में केंद्र सरकार पहले ही Buffer Stock बाजार में उतार रही है। सरकार ने सितंबर में कई शहरों में बफर प्याज की आपूर्ति बढ़ाई और ₹35 प्रति किलो की दर से बिक्री की व्यवस्था की है। इसके बावजूद कई बाजारों में खुदरा कीमतें इससे काफी ऊपर बनी हुई हैं।
कमजोर मानसून से क्यों बढ़ सकता है सब्जियों का भाव?
सब्जियों की कीमतों पर मौसम का सीधा असर पड़ता है। इस साल मानसून के दौरान कई अवधियों में बारिश सामान्य से कम रही है। IMD के आंकड़ों के आधार पर सितंबर के शुरुआती 9 दिनों में देश में सामान्य से 26% कम बारिश दर्ज की गई थी। कम बारिश से फसलों की पैदावार, सिंचाई और खेतों की लागत प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा अधिक गर्मी होने पर सब्जियों की storage और transportation cost भी बढ़ सकती है। जल्दी खराब होने वाली सब्जियों में इसका असर कीमतों पर पड़ सकता है। हालांकि किसी एक सब्जी के दाम में कितनी तेजी आएगी, यह सिर्फ बारिश पर नहीं बल्कि उत्पादन, आवक, स्टॉक, परिवहन और स्थानीय मांग पर भी निर्भर करता है।
क्या आने वाले दिनों में और महंगी होंगी सब्जियां?
अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सभी सब्जियों के दाम निश्चित रूप से और बढ़ेंगे। लेकिन कम बारिश, उत्पादन से जुड़ी चिंता और त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग के कारण Food Inflation पर दबाव बना रह सकता है। इसलिए आने वाले हफ्तों में नींबू, अदरक, प्याज, लहसुन जैसी जरूरी चीजों के भाव पर नजर रहेगी।
वहीं सरकार ने खाद्य तेलों की महंगाई से राहत के लिए 24 सितंबर 2026 से Edible Oil Import Duty में कटौती की है। कच्चे सूरजमुखी तेल पर Basic Customs Duty 10% से घटाकर शून्य, जबकि कच्चे सोयाबीन और पाम ऑयल पर 10% से घटाकर 5% की गई है। सरकार ने कंपनियों से इसका लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने को भी कहा है।
यानी एक तरफ कुछ खाद्य वस्तुओं पर सरकार राहत देने की कोशिश कर रही है, वहीं सब्जियों की कीमतों में मौसम और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियां Kitchen Budget पर दबाव बनाए रख सकती हैं।
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