पटना। बिहार में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाले अधिकारियों पर विशेष निगरानी इकाई (SVU) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में, पथ निर्माण विभाग के सहरसा में तैनात सुपरिटेंडिंग इंजीनियर विजय कुमार के ठिकानों पर एसवीयू की टीमों ने एक साथ कई जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान इंजीनियर के ठिकानों से भारी मात्रा में नगदी और संपत्ति से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
तीन जगहों पर एक साथ दबिश
विशेष निगरानी इकाई (SVU) को सुपरिटेंडिंग इंजीनियर विजय कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति जमा करने की गोपनीय शिकायतें मिली थीं। पुख्ता सबूत मिलने के बाद एसवीयू ने उनकी संपत्तियों का दायरा खंगालना शुरू किया और एक साथ पटना, सहरसा और औरंगाबाद स्थित उनके कुल चार ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।
निगरानी विभाग की अलग-अलग टीमें सुबह से ही इन ठिकानों पर दस्तावेज, बैंक खातों और चल-अचल संपत्ति के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच-पड़ताल कर रही हैं। इस छापेमारी की भनक लगते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
पटना में मिला 10 लाख नकद
छापेमारी के दौरान राजधानी पटना में एसवीयू की टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पटना के दानापुर क्षेत्र में हुई रेड के दौरान अधिकारियों ने 10 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
जांच के क्रम में निगरानी टीम जब गोला रोड स्थित महेश नगर में उनके एक फ्लैट पर पहुंची, तो पता चला कि इंजीनियर साहब ने वह फ्लैट पहले ही किराए पर दे रखा है। इसके तुरंत बाद टीम ने दाउदनगर गोला रोड स्थित उनके मुख्य आवास पर मोर्चा संभाला और वहां सघन तलाशी अभियान चलाया।
औरंगाबाद में पैतृक घर पर रेड
वर्तमान तैनाती स्थल सहरसा में भी एसवीयू की कार्रवाई जारी रही। जानकारी के मुताबिक, निगरानी की टीम दोपहर करीब 12 बजे सुपरिटेंडिंग इंजीनियर विजय कुमार के सहरसा स्थित आधिकारिक दफ्तर और उनके सरकारी आवास पर पहुंची।
- दफ्तर में पूछताछ: टीम ने उनके कार्यालय में ही करीब 30 मिनट तक उनसे आमने-सामने बैठकर पूछताछ की। पूछताछ की यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद निगरानी की टीम आगे की तफ्तीश के लिए पटना के लिए रवाना हो गई।
- पैतृक आवास पर कार्रवाई: इसके अलावा, इंजीनियर के औरंगाबाद जिले के दाउदनगर स्थित पैतृक आवास पर भी एसवीयू की एक विशेष टीम ने रेड की। वहां उनके परिजनों से पूछताछ करने के साथ-साथ पैतृक संपत्ति से जुड़े कागजातों को खंगाला गया।
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
विशेष निगरानी इकाई (SVU) के अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मिले दस्तावेजों और कैश के आधार पर इंजीनियर की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। टीम अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वैध आय के स्रोतों के मुकाबले उन्होंने कुल कितनी संपत्ति अर्जित की है। छापेमारी पूरी होने के बाद आय से अधिक संपत्ति का आधिकारिक आंकड़ा और बड़े खुलासे सामने आने की पूरी उम्मीद है।

