शिक्षक और UPSC कोचिंग संस्थान के संस्थापक विकास दिव्यकीर्ति (Vikas Divyakirti) ने गुरुवार को अपने व्यक्तित्व और निजता के अधिकारों की सुरक्षा की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में याचिका दायर की। मामले को न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि मामले की सुनवाई उस समन्वय पीठ द्वारा की जानी चाहिए, जो पहले से ही निजता के अधिकार से संबंधित एक मामले पर सुनवाई कर रही है। इसके बाद मामले को संबंधित पीठ के समक्ष रखने की प्रक्रिया अपनाई गई। याचिका में दिव्यकीर्ति ने अपने व्यक्तित्व और निजता से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा की मांग की है।

विकास दिव्यकीर्ति से पहले अभिनेता अमिताभ बच्चन, सलमान खान समेत कई चर्चित हस्तियां भी अपने व्यक्तित्व और निजता के अधिकारों की सुरक्षा के लिए अदालत का रुख कर चुकी हैं। इन मामलों में हस्तियों ने अपने नाम, तस्वीर, आवाज और पहचान से जुड़ी अन्य विशेषताओं के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है।

फर्जी प्रोफाइल समेत तीन तरह के उल्लंघन का आरोप

दृष्टि आईएएस कोचिंग संस्थान के संस्थापक विकास दिव्यकीर्ति की ओर से पेश वकील ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि याचिका में उनके निजता के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की गई है। वकील के मुताबिक, याचिका में फर्जी प्रोफाइल बनाने समेत तीन तरह के उल्लंघनों का आरोप लगाया गया है। वकील ने कहा कि सोशल मीडिया पर काफी चर्चित विकास दिव्यकीर्ति की तस्वीरों का इस्तेमाल कर कई लोग फर्जी पोस्ट भी साझा करते हैं। याचिका के जरिए ऐसे कथित अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगाने और उनके व्यक्तित्व एवं निजता से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा की मांग की गई है।

सुनवाई के दौरान पीठ को बताया गया कि व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़े इसी तरह के कई मामले पहले से ही हाई कोर्ट की एक अन्य पीठ के समक्ष लंबित हैं। इसके बाद न्यायमूर्ति पुरुषैंद्र कुमार कौरव ने निर्देश दिया कि दिव्यकीर्ति की याचिका को भी व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।

इन सबको भी मिली सुरक्षा

विकास दिव्यकीर्ति से पहले भी कई सार्वजनिक हस्तियां अपने व्यक्तित्व और प्रचार संबंधी अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख कर चुकी हैं। इनमें अभिनेता ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन और सलमान खान, ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, क्रिकेटर युवराज सिंह, पत्रकार सुधीर चौधरी, पॉडकास्टर राज शमानी, आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और क्रिकेटर अभिषेक शर्मा समेत कई नाम शामिल हैं। इन हस्तियों ने अपने नाम, तस्वीर, आवाज और पहचान से जुड़े अन्य पहलुओं के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ अदालत से संरक्षण मांगा था। व्यक्तित्व और प्रचार संबंधी अधिकारों के तहत सार्वजनिक हस्तियां अपनी पहचान के व्यावसायिक या अन्य अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कानूनी उपाय अपना सकती हैं।

फिजिक्स वाला के फाउंडर अलख पांडे ने भी दायर की थी याचिका

फिजिक्स वाला के संस्थापक अलख पांडे ने भी अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। पांडे ने आरोप लगाया था कि कई इंटरनेट प्लेटफॉर्म और यूजर्स सोशल मीडिया पोस्ट, स्टिकर पैक, वीडियो, वेबसाइट और अन्य माध्यमों के जरिए उनके नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर कमाई कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया था कि इनमें से कुछ सामग्री अश्लील और आपत्तिजनक थी। 5 अगस्त को दिए गए अंतरिम आदेश में न्यायमूर्ति अनूप जे. भंभानी ने पांडे को तीन तरह के कथित उल्लंघनों से संरक्षण दिया था। इनमें यौन रूप से अश्लील सामग्री, बिना लाइसेंस उनके व्यक्तित्व का इस्तेमाल कर व्यावसायिक लाभ कमाने वाली सामग्री और उनकी पहचान की नकल करने वाली सामग्री शामिल थी।

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