संजय वाणी, आलीराजपुर। जोबट तहसील के ग्राम बलेड़ी में अंतिम विदाई का अनोखा नजारा सामने आया। बुजुर्ग लिमसिंह बघेल की अंतिम यात्रा में मातम के बजाय ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई दी। डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए ग्रामीण बुजुर्ग को अंतिम विदाई देने श्मशान घाट पहुंचे।

दरअसल, लिमसिंह बघेल की इच्छा थी कि दुनिया से विदाई के समय गांव के लोग नाचते-गाते हुए उन्हें विदा करें। बुजुर्ग की आखिरी इच्छा पूरी करने के लिए पूरा गांव एकजुट होकर अंतिम यात्रा में शामिल हुआ। ग्राम सरपंच रमेश डावर ने बताया कि लिमसिंह गांव के सबसे बुजुर्ग व्यक्तियों में से एक थे। उन्होंने अपनी अंतिम यात्रा धूमधाम से निकालने की इच्छा पहले ही जाहिर की थी।

गुरुवार, 5 नवंबर को ग्रामीणों ने उनकी इसी आखिरी ख्वाहिश का सम्मान किया। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन के साथ निकली अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने एकजुट होकर बुजुर्ग की अंतिम इच्छा को पूरा किया।

अंतिम यात्रा के दौरान ग्रामीणों का अलग अंदाज देखने को मिला। बुजुर्ग को नाचते-गाते श्मशान घाट तक लेकर पहुंचे गांव के लोग। अंतिम विदाई का वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में इस अनोखी परंपरा की चर्चा हो रही है।

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