Lalluram Desk. VinFast भारत में अपने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कारोबार का विस्तार कर रही है। कंपनी ने 34 शहरों और 15 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में 50 से ज़्यादा ई-मोटरसाइकिल डीलर पार्टनर के साथ लेटर ऑफ़ इंटेंट (LOI) पर साइन किए हैं।
ये LOI वियतनाम के हाई फोंग में VinFast के मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स में भारतीय डीलर पार्टनर की यात्रा के दौरान साइन किए गए। कंपनी का कहना है कि इन पार्टनरशिप से देश के प्रमुख इलाकों में 50 से ज़्यादा खास ई-मोटरसाइकिल शोरूम खुलने का रास्ता साफ होगा।
इस प्रस्तावित नेटवर्क में उत्तर में दिल्ली NCR, राजस्थान और पंजाब; मध्य भारत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश; पश्चिम में महाराष्ट्र और गुजरात; दक्षिण में कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश; और पूर्व में पश्चिम बंगाल और ओडिशा शामिल होंगे।
VinFast के अनुसार, चुने गए मार्केट में टू-व्हीलर की काफी मांग है और इसलिए यहाँ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की काफी गुंजाइश है। कंपनी का मकसद इस बढ़े हुए नेटवर्क का इस्तेमाल करके अपने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को ग्राहकों के करीब लाना है, साथ ही चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना और बिक्री के बाद की सर्विस (आफ्टर-सेल्स सपोर्ट) को मज़बूत करना है।
VinFast ई-स्कूटर ओवरसीज़ मार्केट की मैनेजिंग डायरेक्टर, वो थी कैम तू ने कहा कि भारत कंपनी की ग्लोबल ग्रोथ स्ट्रैटेजी में एक अहम मार्केट है। उन्होंने देश के बड़े आकार, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की बढ़ती मांग और लंबे समय तक ग्रोथ की संभावना का ज़िक्र किया।
VinFast इंडिया ई-स्कूटर के CEO अनुराग सक्सेना ने कहा कि 50 से ज़्यादा डीलरों के साथ पार्टनरशिप कंपनी के देशव्यापी ई-मोटरसाइकिल विस्तार की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि VinFast अपने नेटवर्क में ग्राहकों की मदद के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और बिक्री के बाद की सर्विस पर भी साथ-साथ काम कर रही है।
VinFast ने 2025 में भारत के ग्रीन मोबिलिटी मार्केट में एंट्री की थी, और शुरुआत में डिस्ट्रीब्यूशन, मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली गतिविधियों के ज़रिए इलेक्ट्रिक कारों पर ध्यान दिया था। हालिया डीलर एग्रीमेंट भारत में कंपनी के ई-मोटरसाइकिल कारोबार के लिए पहला खास डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बनाते हैं।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा टू-व्हीलर मार्केट बना हुआ है। VinFast का कहना है कि FY2025-26 के दौरान 2.141 करोड़ (21.41 मिलियन) दो-पहिया वाहन रजिस्टर हुए, जिनमें से इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 6.54% थी। कंपनी का मानना है कि EV की कम पैठ (penetration) के कारण देश के दो-पहिया वाहन सेगमेंट में और ज़्यादा इलेक्ट्रिफिकेशन और विस्तार की काफी गुंजाइश है।
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