Lifestyle Desk – अगर आपकी नींद भी रात में अचानक खुल जाती है और इसके बाद दोबारा सोने में परेशानी होती है, तो इसे हमेशा सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कभी-कभार रात में नींद खुलना आम बात है, लेकिन अगर ऐसा लगातार हो रहा है, नींद खुलने के बाद लंबे समय तक नींद नहीं आती या सुबह उठने के बाद भी थकान महसूस होती है, तो इसके पीछे तनाव, अनिद्रा या स्लीप एपनिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अच्छी नींद शरीर और दिमाग दोनों के लिए जरूरी है। नींद पूरी न होने पर दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान लगाने में परेशानी और काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में रात में बार-बार नींद खुलने की वजह को समझना जरूरी है।

रात में नींद खुलने की वजह क्या है?

रात में बार-बार नींद खुलने की सबसे आम वजहों में तनाव और चिंता शामिल हैं। दिनभर किसी बात को लेकर परेशान रहने या लगातार सोचते रहने से दिमाग पूरी तरह रिलैक्स नहीं हो पाता। ऐसे में व्यक्ति को नींद आने के बाद भी बीच रात में जागने की समस्या हो सकती है।

इसके अलावा सोने का वातावरण भी नींद को प्रभावित करता है। कमरे में ज्यादा रोशनी, शोर, गर्मी या ठंड, असहज गद्दा या गलत तकिया भी नींद टूटने की वजह बन सकता है। रात में ज्यादा चाय-कॉफी पीना, देर तक मोबाइल या लैपटॉप चलाना और सोने का समय रोज बदलना भी नींद के पैटर्न को बिगाड़ सकता है।

क्या है अनिद्रा?

अनिद्रा यानी इंसोम्निया एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को पर्याप्त समय और अवसर मिलने के बावजूद सोने या नींद बनाए रखने में परेशानी होती है। इसके कारण रात में बार-बार नींद खुल सकती है, नींद खुलने के बाद दोबारा सोने में काफी समय लग सकता है या सुबह सामान्य समय से पहले नींद खुल सकती है।
अनिद्रा की वजह से अगले दिन थकान, चिड़चिड़ापन, सुस्ती और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी हो सकती है। अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

स्लीप एपनिया क्या है?

स्लीप एपनिया नींद से जुड़ी एक गंभीर समस्या है, जिसमें सोते समय व्यक्ति की सांस बार-बार रुक सकती है और फिर दोबारा शुरू हो सकती है। इसके कारण रात में अचानक नींद खुलना, जोर से खर्राटे लेना, नींद में हांफना या घुटन महसूस होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

कई बार व्यक्ति को खुद पता नहीं चलता कि रात में उसकी सांस रुक रही है। परिवार का कोई सदस्य खर्राटों, सांस रुकने या अचानक हांफने जैसी समस्या को नोटिस कर सकता है। अगर दिन में बहुत ज्यादा नींद आती है या सुबह उठने के बाद भी शरीर तरोताजा महसूस नहीं करता, तो इसे भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

कैसे पाएं रात में अच्छी नींद?

  1. अच्छी नींद के लिए सबसे जरूरी है कि सोने और जागने का समय नियमित रखा जाए। दिन में शारीरिक रूप से सक्रिय रहना और नियमित व्यायाम करना भी नींद की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद कर सकता है।
  2. सोने से कम से कम कुछ समय पहले मोबाइल, लैपटॉप और अन्य स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना बेहतर है। इसकी जगह किताब पढ़ना, हल्का संगीत सुनना या रिलैक्सेशन जैसी गतिविधियां की जा सकती हैं।
  3. सोने का कमरा शांत, अंधेरा और आरामदायक होना चाहिए। आरामदायक गद्दे और तकिए का इस्तेमाल भी जरूरी है। रात में सोने से पहले ज्यादा चाय-कॉफी या भारी भोजन से बचना फायदेमंद हो सकता है।
  4. अगर रात में नींद बार-बार खुलती है, लंबे समय तक दोबारा नींद नहीं आती, तेज खर्राटे आते हैं या सोते समय सांस रुकने जैसी समस्या होती है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें। लगातार बनी रहने वाली समस्या में डॉक्टर से सलाह लेकर सही कारण की जांच कराना बेहतर होता है।