Automobile Desk : इलेक्ट्रिक गाड़ियां अब हमारे सफर का एक बेहद आम हिस्सा बनती जा रही हैं। पेट्रोल और डीजल के लगातार बढ़ते दामों से राहत पाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए लोग तेजी से बैटरी से चलने वाले वाहनों (EVs) का रुख कर रहे हैं। दो पहिया वाहनों से लेकर शानदार इलेक्ट्रिक कारों तक, बाजार में विकल्पों की कोई कमी नहीं है। हालांकि, इन गाड़ियों को खरीदने में जो सबसे बड़ा निवेश होता है, वह इनकी बैटरी का होता है। यही वजह है कि इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी की सेहत का ख्याल रखना सबसे जरूरी काम बन जाता है।

अक्सर जानकारी के अभाव में लोग रोजमर्रा के इस्तेमाल में कुछ ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे गाड़ी की बैटरी वक्त से पहले ही कमजोर होने लगती है। बैटरी की क्षमता घटने का सीधा असर ड्राइविंग रेंज पर पड़ता है, यानी गाड़ी एक बार चार्ज होने पर उतना नहीं चल पाती जितना कंपनी दावा करती है। अगर आप भी अपनी इलेक्ट्रिक कार या स्कूटर की बैटरी को सालों-साल बेहतरीन स्थिति में रखना चाहते हैं, तो चार्जिंग के दौरान इन 5 बातों का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है।

  1. हर दिन बैटरी को 100% तक चार्ज करना
    यह एक आम भ्रम है कि किसी भी गैजेट या वाहन की तरह ईवी की बैटरी को भी हर रोज पूरी तरह यानी 100 प्रतिशत तक चार्ज करना चाहिए। हालांकि, लिथियम-आयन बैटरियों की बनावट कुछ ऐसी होती है कि उन्हें लगातार शत-प्रतिशत चार्ज रखने से उनकी अंदरूनी सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। रोजाना शहर के भीतर छोटे-मोटे सफर के लिए बैटरी को लगभग 80 से 85 प्रतिशत तक चार्ज रखना ज्यादा समझदारी भरा कदम माना जाता है। हाँ, यदि आप किसी लंबी ड्राइव पर निकलने की तैयारी कर रहे हैं, तो जरूरत के हिसाब से उसे पूरा चार्ज किया जा सकता है।
  2. बैटरी को बार-बार पूरी तरह शून्य पर पहुंचाना
    जिस तरह बैटरी को हर वक्त सौ फीसदी पर रखना नुकसानदेह है, ठीक वैसे ही उसे बार-बार बिल्कुल शून्य यानी जीरो परसेंट तक डिस्चार्ज होने देना भी उसकी उम्र घटाता है। जब बैटरी का स्तर बेहद कम हो जाता है, तो उसके सेल्स पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। विशेषज्ञों का सुझाव रहता है कि जब बैटरी करीब 20 प्रतिशत के आसपास बचे, तभी उसे दोबारा चार्जिंग पर लगा देना चाहिए। इस छोटी सी आदत से बैटरी की उम्र काफी हद तक बढ़ जाती है।
  3. हर बार फास्ट चार्जर का इस्तेमाल करना
    सफर के दौरान समय बचाने के लिए पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों पर मिलने वाले फास्ट चार्जर्स बेहद मददगार साबित होते हैं। लेकिन अगर आप रोजमर्रा की चार्जिंग के लिए भी केवल फास्ट चार्जर का ही उपयोग कर रहे हैं, तो यह आपकी गाड़ी की बैटरी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। तेज गति से चार्ज होने के दौरान बैटरी अत्यधिक गर्म हो जाती है, जिससे उसका इंटरनल स्ट्रक्चर कमजोर होने लगता है। दैनिक इस्तेमाल के लिए घर पर लगे सामान्य स्लो चार्जर या पोर्टेबल चार्जर का ही इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
  4. लंबी और तेज ड्राइविंग के तुरंत बाद चार्जिंग पर लगाना
    कई बार लोग लंबी दूरी तय करने के तुरंत बाद घर पहुंचते ही गाड़ी को चार्जिंग पर लगा देते हैं। लगातार ड्राइव करने की वजह से बैटरी और उसके मोटर का तापमान काफी बढ़ा होता है। ऐसे में बिना उसे ठंडा हुए तुरंत करंट देना बैटरी की रासायनिक प्रक्रिया को प्रभावित करता है। बेहतर यह होगा कि सफर के बाद गाड़ी को कम से कम आधे घंटे के लिए शांत छोड़ दें, ताकि तापमान सामान्य हो जाए और उसके बाद ही उसे चार्जिंग से जोड़ें।
  5. तेज धूप या अत्यधिक गर्मी में गाड़ी चार्ज करना
    मौसम का सीधा असर इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी पर पड़ता है। यदि आप अपनी गाड़ी को सीधे धूप में या किसी अत्यधिक गर्म खुली जगह पर चार्जिंग पर लगाते हैं, तो चार्जिंग के दौरान पैदा होने वाली गर्मी और बाहर की धूप मिलकर बैटरी का तापमान खतरनाक स्तर तक बढ़ा सकती है। हमेशा अपनी ईवी को किसी छायादार, हवादार और ढकी हुई जगह पर ही चार्ज करें ताकि बैटरी पर अतिरिक्त थर्मल लोड न पड़े।