कुमार इंदर, जबलपुर। वक्फ बोर्ड (Waqf Board) को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (MP High Court) से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने वक्फ बोर्ड के अधिग्रहण पर रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि रीवा की जिस निजी जमीन और उस पर बने दरगाह पर वक्फ ने मालिकाना हक जताया था, उसे परिवार ने कभी दान में दी ही नहीं थी। महज रजिस्टर में एंट्री कर जमीन को अपनी संपत्ति घोषित कर ली थी।
रीवा निवासी अमहिया निवासी हाजी मोहम्मद अली की ओर से याचिका दायर की गई थी। अधिवक्ता सुशील त्रिपाठी ने बताया कि दलील दी गई कि 100 साल पहले याचिकाकर्ता के बाबा स्वर्गीय अब्दुल मन्नान ने अपने पूर्वज हाजी सैयद ज़हूर अली शाह के नाम से दरगाह बनवाई थी। लेकिन बिना सूचना और सुनवाई का अवसर दिए ही वक्फ बोर्ड ने अपनी संपत्ति मान ली।
मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट ने वक्फ बोर्ड की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। वक्फ की ओर से जवाब मांगा गया है। कोर्ट ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। फरवरी में मामले में अगली सुनवाई होगी।

