विष्णुगढ़ (हजारीबाग)। लगातार हो रही बारिश का असर अब जलाशयों और जनजीवन पर भी दिखने लगा है। डीवीसी के कोनार डैम का जलस्तर बढ़ने के बाद शनिवार रात से 5000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे पहले डैम के स्लीप वेल से 1122 क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा था। बारिश जारी रहने और जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू की गई।
1405 फीट है डैम की अधिकतम क्षमता
शनिवार को कोनार डैम का जलस्तर बढ़कर 1398.50 फीट पहुंच गया। डैम की अधिकतम जलधारण क्षमता 1405 फीट बताई गई है। शुक्रवार को जलस्तर 1398.40 फीट और गुरुवार को 1396 फीट दर्ज किया गया था।
बताया गया कि डैम का रिजर्वायर एरिया करीब 6000 वर्ग फीट है। लगातार बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने से डैम पर दबाव न बढ़े, इसे देखते हुए अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है।
तेज लहरों में टूटा मछली पालक का केज मॉड्यूल
बारिश और तेज हवा का असर कोनार डैम में मत्स्य पालन पर भी पड़ा है। गोविंदपुर सीमा तक फैले डैम में मत्स्य पालक गणेश महतो के केज का मॉड्यूल तेज लहरों के कारण टूट गया। इसके बाद केज में पाली जा रही मछलियां निकलकर डैम के खुले पानी में चली गईं।
गणेश महतो के मुताबिक तेज हवा के कारण डैम में ऊंची लहरें उठ रही थीं। पानी में उतरकर केज तक पहुंचना संभव नहीं था। इसी दौरान तेज लहरों के दबाव से केज मॉड्यूल टूट गया।
जमुनिया डैम के ऊपर से बह रहा पानी
लगातार बारिश से विष्णुगढ़ के जमुनिया डैम का जलस्तर भी बढ़ गया है। डैम का पानी गेट के ऊपर से लगातार बह रहा है। जलस्तर बढ़ने के बावजूद फिलहाल गेट खोलने की जरूरत नहीं पड़ी है और पानी स्वतः गेट के ऊपर से निकल रहा है।
30 घंटे बाद बहाल हुई बिजली, विसर्जन के दौरान फिर बंद रही आपूर्ति
लगातार बारिश और तेज हवा के कारण गुरुवार रात से बाधित बिजली आपूर्ति शनिवार शाम करीब 30 घंटे बाद बहाल हुई। हालांकि मनसा जी की प्रतिमा विसर्जन जुलूस को देखते हुए एहतियातन बिजली आपूर्ति फिर बंद कर दी गई।
करीब छह घंटे तक विसर्जन जुलूस मुख्य मार्ग से गुजरता रहा। जुलूस समाप्त होने के बाद शनिवार रात करीब 11 बजे बिजली आपूर्ति दोबारा बहाल कर दी गई।


