Technology Desk : सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सावधानी बेहद जरूरी है। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर दिखने वाले कुछ अश्लील और आकर्षक विज्ञापनों के जरिए साइबर अपराधी लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। केंद्र सरकार की साइबर एजेंसी ने इसको लेकर लोगों को अलर्ट किया है।

गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की नेशनल साइबरक्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (NCTAU) ने इस मामले में एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर एडल्ट कंटेंट वाले विज्ञापन दिखाकर लोगों को फर्जी वेबसाइट तक पहुंचा रहे हैं।
विज्ञापन पर क्लिक करते ही शुरू हो सकता है खेल
साइबर अपराधी ऐसे विज्ञापन तैयार करते हैं, जो देखने में आकर्षक लगते हैं। इन पर क्लिक करने के बाद यूजर को किसी फर्जी वेबसाइट पर भेजा जाता है। यहां उसे एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है।
खास बात यह है कि इन ऐप्स को Google Play Store के बजाय किसी दूसरी वेबसाइट से APK फाइल के रूप में डाउनलोड कराया जाता है। इसे साइडलोडिंग कहा जाता है।
इन 7 ऐप्स से रहें सावधान
सरकार की चेतावनी के मुताबिक सोशल मीडिया पर Night Play, Reloop, Kyss, Riva, Vima, Nexo और Vixa नाम के ऐप्स का इस्तेमाल इस तरह की ठगी में किया जा रहा है।
इन ऐप्स को एडल्ट कंटेंट से जुड़े ऐप के तौर पर पेश किया जाता है। डाउनलोड करने के बाद ये ऐप फोन की Accessibility Permission मांगते हैं।
Accessibility Permission देना पड़ सकता है भारी
अगर यूजर बिना सोचे-समझे इस परमिशन को मंजूरी दे देता है, तो संदिग्ध ऐप को फोन के कई जरूरी फीचर्स तक पहुंच मिल सकती है। इसके बाद साइबर अपराधी फोन में मौजूद जानकारी का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं और दूसरे खतरनाक ऐप भी इंस्टॉल कर सकते हैं।
इससे मैसेज, OTP और बैंकिंग से जुड़ी संवेदनशील जानकारी चोरी होने का खतरा रहता है। इसके जरिए बैंक खाते से पैसे निकालने की कोशिश भी की जा सकती है।
फोन में चुपके से VPN भी हो सकता है इंस्टॉल
I4C के मुताबिक, ऐसे कुछ खतरनाक ऐप फोन में बिना जानकारी के VPN भी इंस्टॉल कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल साइबर अपराधी इंटरनेट ट्रैफिक को दूसरे रास्ते से चलाने के लिए कर सकते हैं। इसका मतलब है कि आपके फोन और इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी गतिविधि के लिए किया जा सकता है।
आसानी से डिलीट भी नहीं होता ऐप
इन खतरनाक ऐप्स की एक और समस्या यह है कि ये खुद को फोन से हटाए जाने से रोकने की कोशिश कर सकते हैं। यूजर जब इन्हें अनइंस्टॉल करने की कोशिश करता है, तो फोन की सेटिंग्स में परेशानी आ सकती है। इस वजह से सामान्य यूजर के लिए ऐसे ऐप को हटाना मुश्किल हो सकता है।
साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें?
- Google Play Store या Apple App Store के बाहर से कोई ऐप डाउनलोड न करें।
- सोशल मीडिया पर दिखने वाले संदिग्ध या अश्लील विज्ञापनों पर क्लिक न करें।
- किसी अनजान ऐप को Accessibility Permission देने से बचें।
- अगर गलती से संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हो जाए तो तुरंत इंटरनेट बंद करें और विशेषज्ञ की मदद लें।
- बैंकिंग या OTP से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें।
- साइबर फ्रॉड होने पर 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
एक क्लिक से हो सकता है बड़ा नुकसान
सोशल मीडिया पर दिखने वाला हर विज्ञापन भरोसेमंद नहीं होता। खासकर ऐसे विज्ञापन जो आपको किसी बाहरी वेबसाइट से ऐप डाउनलोड करने के लिए कहें, उनसे सावधान रहें। किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उसका स्रोत और परमिशन जरूर जांचें।



