Lifestyle Desk: आज की आधुनिक जीवनशैली में कई बार लोग आलस्य या सुविधा के चक्कर में बिस्तर पर बैठकर ही भोजन करना शुरू कर देते हैं। टीवी देखते हुए या मोबाइल चलाते हुए बेड पर भोजन करना बहुत आम हो गया है, लेकिन वास्तु और ज्योतिषशास्त्र के अनुसार यह एक बहुत गलत आदत है। बिस्तर केवल सोने और विश्राम करने का स्थान है और जब वहां भोजन किया जाता है तो इससे नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है जो जीवन में कई तरह की परेशानियों का कारण बनती है। यदि बेड पर बैठकर भोजन करते हैं तो इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें और प्रभाव

केतु ग्रह होता है प्रभावित

जब कोई मनुष्य अपने घर में बिस्तर या पलंग पर बैठकर खाना-पीना शुरू कर देता है तो उसका केतु ग्रह खराब होने लगता है। केतु के अशुभ प्रभाव से जीवन में अचानक अनचाही परेशानियां आने लगती हैं।

कर्मों से बिगड़ता है ग्रह

ज्योतिषीय दृष्टिकोण के अनुसार मनुष्य की अपनी दैनिक आदतें और कर्म ही ग्रहों की स्थिति को प्रभावित करते हैं। बिस्तर पर भोजन करने जैसी आदतों से मनुष्य स्वयं अपने कर्मों द्वारा केतु ग्रह की शुभता को समाप्त कर देता है।

जितनी जल्दी हो छोड़ें यह आदत

यदि जीवन में सुख समृद्धि और मानसिक शांति बनाए रखना चाहते हैं।तो इस आदत को जितनी जल्दी त्याग देंगे आपके और आपके परिवार के लिए उतना ही बेहतर रहेगा।

नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश

बिस्तर पर खाना खाने से भोजन के कण और जूठन बिस्तर पर गिरते हैं जिससे वहां नकारात्मक ऊर्जा का संचय होता है। यह आदत न केवल मानसिक तनाव बढ़ाती है।बल्कि घर की प्रगति में भी बाधा उत्पन्न करती है।

स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर

स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बिस्तर पर बैठकर गलत मुद्रा में भोजन करने से पाचन क्रिया धीमी और खराब हो सकती है। जिससे पेट संबंधी कई बीमारियां होने का खतरा रहता है।

सही नियम का पालन करें

सकारात्मक समाधान और नियम इस समस्या से बचने के लिए हमेशा सही नियम का पालन करें। भोजन हमेशा जमीन पर आसन बिछाकर डाइनिंग टेबल पर या किसी साफ-सुथरे स्थान पर बैठकर ही ग्रहण करें। इससे न केवल केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों से बचाव होगा बल्कि घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार भी होगा।

इसके साथ ही भोजन करते समय मन को शांत रखना और जल्द बाजी से बचना भी जरूरी माना जाता है।अन्न को देवतुल्य माना है।इसलिए भोजन का सम्मान करना शुभ माना जाता है। खाने की जगह को साफ रखना जूठन इधर-उधर न छोड़ना और भोजन के बाद हाथ-मुंह धोना भी अच्छी आदतों में शामिल है।

इन आदतों से बचे

भोजन के समय मोबाइल या टीवी देखने से बचना भी बेहतर रहता है। इससे मनुष्य का ध्यान भोजन से हट जाता है और वह जरूरत से ज्यादा या कम भोजन कर सकता है। वास्तु के अनुसार, भोजन के स्थान को साफ और व्यवस्थित रखने से घर का माहौल सकारात्मक बना रहता है। इसलिए भोनज के लिए एक निश्चित स्थान और समय तय करना अच्छी आदत मानी जाती है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m