Dharm Desk – ज्योतिर्विज्ञान में ग्रहों की महादशा को मनुष्य के जीवन से जोड़कर देखा जाता है।अलग-अलग ग्रहों की दशा का असर मनुष्य के स्वभाव, सोच और जीवन की परिस्थितियों पर पड़ता है। यही कारण है कि ग्रहों को अनुकूल बनाने के लिए लोग पूजा-पाठ और मंत्र जाप के साथ खान-पान से जुड़े नियमों का भी पालन करते हैं। ग्रहों की महादशा के दौरान खान-पान में संयम रखने के साथ पूजा-पाठ, दान और अच्छे कर्मों को भी महत्व दिया जाता है।प्राचीन ज्योतिषीय विचारों के अनुसार ग्रहों की महादशा के दौरान कुछ चीजों से परहेज करना चाहिए।

1.बुध और चंद्रमा की महादशा
बुध ग्रह को बुद्धि वाणी और समझने की क्षमता से जोड़कर देखा जाता है।बुध की महादशा के दौरान बैंगन और हरी मिर्च खाने से बचने की सलाह दी जाती है। वहीं चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक होता है। चंद्रमा की महादशा के दौरान रात में दही और ठंडा पानी लेने से परहेज करना चाहिए।
2.सूर्य और शनि की महादशा
सूर्य ऊर्जा आत्मविश्वास और मान-सम्मान का प्रतीक होता है। कुछ परंपराओं में सूर्य की महादशा के दौरान नमक और लाल मिर्च का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है।शनि को कर्म, अनुशासन और धैर्य से जोड़कर देखा जाता है। शनि की महादशा में शराब और मांस से दूरी बनाना चाहिए। इस दौरान अच्छे कर्म करने और जरूरतमंदों की सहायता करने पर भी जोर दिया जाता है।
3.मंगल, गुरु और शुक्र की महादशा
मंगल ग्रह को साहस और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है।मंगल की महादशा के दौरान लहसुन का अधिक सेवन करने से बचना चाहिए। साथ ही देवगुरु बृहस्पति की महादशा में बेसन से बनी चीजों का सेवन सीमित रखने की बात कही जाती है। शुक्र ग्रह को सुख-सुविधाओं और भौतिक जीवन से जोड़कर देखा जाता है।शुक्र की महादशा के दौरान ज्यादा मीठा और खट्टा खाने से परहेज करना चाहिए।
4.राहु-केतु की महादशा
राहु और केतु को ज्योतिष में छाया ग्रह मानते है। कुछ मान्यताओं के अनुसार राहु की महादशा के दौरान फास्ट फूड और बासी भोजन से दूरी बनानी चाहिए। और केतु की महादशा के दौरान नशीले पदार्थों से दूर रहना चाहिए।नशे से दूरी बनाना सेहत के लिए अच्छा होता है।

