Lifestyle:- Nausea यानी जी मिचलाना या उल्टी जैसा महसूस होना एक आम समस्या है। कई बार ज्यादा खाना खाने, अपच, गैस, सफर के दौरान मोशन सिकनेस, तेज गंध, तनाव या किसी संक्रमण की वजह से भी ऐसा महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को सिरदर्द या माइग्रेन के दौरान भी मतली की शिकायत होती है। हालांकि, हर बार नॉजिया किसी गंभीर समस्या का संकेत नहीं होता, लेकिन बार-बार होने वाली या लंबे समय तक बनी रहने वाली मतली को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अगर आपको भी अचानक जी मिचलाने लगे या उल्टी जैसा महसूस हो, तो कुछ आसान उपायों से राहत पाने की कोशिश की जा सकती है। आइए जानते हैं नॉजिया के दौरान क्या करना चाहिए।
थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पिएं
जी मिचलाने पर एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीना बेहतर हो सकता है। शरीर में पानी की कमी होने पर भी मतली और कमजोरी बढ़ सकती है। अगर उल्टी भी हो रही है तो शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है।
ऐसी स्थिति में छोटे-छोटे घूंट लेकर पानी पिएं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह से ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन यानी ओआरएस का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अदरक से मिल सकती है राहत
अदरक का इस्तेमाल लंबे समय से मतली और पाचन संबंधी परेशानी में घरेलू उपाय के तौर पर किया जाता रहा है। कुछ लोगों को अदरक वाली हल्की चाय या खाने में थोड़ी मात्रा में अदरक लेने से राहत महसूस हो सकती है।
हालांकि, इसे जरूरत से ज्यादा मात्रा में लेने से पेट में परेशानी हो सकती है। अगर आप नियमित रूप से कोई दवा लेते हैं या आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो अदरक का अधिक सेवन करने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
हल्का और कम मात्रा में खाना खाएं
नॉजिया के दौरान पेट को बिल्कुल खाली रखना भी हमेशा सही नहीं होता। अगर खाने का मन हो तो हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन थोड़ी मात्रा में लें। जैसे सादा टोस्ट, खिचड़ी, चावल, केला या सादा बिस्किट कुछ लोगों को बेहतर लग सकता है।इस दौरान बहुत तला-भुना, मसालेदार और ज्यादा वसायुक्त खाना खाने से बचें। एक बार में ज्यादा खाने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन करना बेहतर हो सकता है।
तेज गंध और घुटन से बचें
खाने की तेज गंध, परफ्यूम, धुआं या बंद कमरे की घुटन कुछ लोगों में मतली को बढ़ा सकती है। अगर आपको जी मिचला रहा है तो कुछ देर के लिए खुली हवा में बैठें और कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें।खाना बनाते समय भी अगर किसी खास गंध से परेशानी बढ़ती है तो उससे थोड़ी दूरी बनाना मददगार हो सकता है।
आराम करें और शरीर को ज्यादा न थकाएं
नॉजिया के दौरान तुरंत बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत करने से परेशानी बढ़ सकती है। आरामदायक स्थिति में बैठें या आराम करें। खाना खाने के तुरंत बाद बिल्कुल सपाट लेटने के बजाय कुछ समय सीधे बैठना बेहतर हो सकता है, खासकर अगर मतली के साथ एसिडिटी या सीने में जलन भी महसूस होती हो।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
कभी-कभार होने वाली हल्की मतली आमतौर पर कुछ समय में ठीक हो सकती है। लेकिन अगर लगातार उल्टियां हो रही हैं, पानी या कोई तरल पदार्थ शरीर में नहीं टिक पा रहा, बहुत ज्यादा कमजोरी या चक्कर आ रहे हैं, तेज पेट दर्द या सीने में दर्द है, उल्टी में खून दिखाई देता है या तेज बुखार के साथ समस्या हो रही है, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
इसी तरह गर्भावस्था के दौरान बहुत ज्यादा उल्टी या पानी की कमी के लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से संपर्क करें।
नॉजिया खुद कोई बीमारी नहीं बल्कि कई अलग-अलग कारणों से होने वाला एक लक्षण हो सकता है। इसलिए अगर जी मिचलाने की समस्या बार-बार होती है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय इसके कारण की जांच के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।



