संजय पाटीदार, भोपाल। राजधानी भोपाल में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। महज़ एक महीने के भीतर तीन अलग-अलग थानों के प्रभारियों पर गिरी गाज ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। कहीं जुआरियों और सटोरियों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप में निलंबन की कार्रवाई हुई है, तो कहीं फायरिंग की घटना पर एफआईआर दर्ज करने में देरी पर लाइन अटैच किया गया है। थाना प्रभारियों के साथ-साथ कई आरक्षकों और एएसआई को भी लपेटे में लिया गया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब कानून के रखवालों पर ही लगातार गाज गिर रही है, तो आम जनता का पुलिस पर भरोसा कैसे कायम रहेगा?

ये भी पढ़ें: ‘दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली, बढ़ेगा सिंचाई का रकबा!’ उज्जैन से सीएम मोहन यादव की किसानों को सौगात

7 दिनों में 8 पुलिसकर्मियों पर एक्शन, 3 थाना प्रभारी सस्पेंड व लाइन अटैच

भोपाल पुलिस में बीते एक सप्ताह के भीतर अनुशासनहीनता और कार्य में लापरवाही को लेकर 8 पुलिसकर्मियों पर सख्त एक्शन लिया गया है।

कोतवाली थाना: चौक बाजार में जुए के अड्डे पर एसीपी की दबिश के बाद थाना प्रभारी प्रभात गौड़, बीट प्रभारी एएसआई राकेश गुर्जर और आरक्षक नरेंद्र रावत को निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच किया गया।

बजरिया थाना: जुए की फड़ चलाने और अपराधियों को संरक्षण देने के आरोपों के चलते TI शिल्पा कौरव समेत 3 पुलिसकर्मियों पर सस्पेंशन की कार्रवाई हुई।

कजलीखेड़ा थाना: इलाके में हुई फायरिंग की घटना में एफआईआर दर्ज करने में देरी और लापरवाही पर TI पल्लवी पांडेय को लाइन अटैच किया गया। इसी मामले में आरक्षक रवेंद्र तोमर को निलंबित किया गया।

बागसेवनिया थाना: रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप में एक एएसआई और हवलदार को तुरंत लाइन अटैच किया गया।

थानों की मॉनिटरिंग और जवाबदेही पर उठे तीखे सवाल

राजधानी के ऐशबाग थाने के पूर्व में पूरे स्टाफ पर हुई बड़ी कार्रवाई के बाद भी थानों की कार्यप्रणाली में सुधार न होना पुलिस विभाग की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। जुए-सट्टे की फड़, अपराधियों को शह और पीड़ितों की सुनवाई में देरी जैसे मामले जब वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचते हैं, तभी गाज गिरती है। ऐसे में थानों के मैदानी स्तर पर चल रही साठगांठ ने पुलिस कमिश्नरेट की साख को बट्टा लगाया है।

ये भी पढ़ें: अवैध रेत उत्खनन रोकने गई खनिज विभाग की टीम पर हमलाः पथराव में सैनिक घायल, आरोपियों पर केस दर्ज

अधिकारियों का दावा- ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत हो रही सख्त कार्रवाई

लगातार हो रही इन कार्रवाइयों पर एडिशनल सीपी शैलेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि पुलिस विभाग में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग पूरी तरह ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है और दोषी पाए जाने वाले हर अधिकारी और कर्मचारी की जवाबदेही तय कर कठोर दंडात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m