Lifestyle Desk :- मीठा खाना ज्यादातर लोगों को पसंद होता है। मिठाई, चॉकलेट, केक, बिस्कुट और मीठे पेय पदार्थ खाने में जितने स्वादिष्ट लगते हैं, उतना ही जरूरी है इनके बाद दांतों की सफाई का ध्यान रखना। बार-बार मीठा खाने की आदत दांतों में कैविटी यानी सड़न का खतरा बढ़ा सकती है। इसके अलावा दांतों पर प्लाक जमा होने और समय के साथ उनका रंग बदलने की समस्या भी हो सकती है। दरअसल, मुंह में मौजूद बैक्टीरिया चीनी का इस्तेमाल करके एसिड बनाते हैं। यह एसिड दांतों की सबसे बाहरी परत इनेमल को कमजोर कर सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि मीठा खाने के बाद दांतों को सुरक्षित रखने के लिए क्या करना चाहिए?

मीठा खाने से दांतों में कैविटी क्यों होती है?
हमारे मुंह में कई तरह के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। जब हम चीनी या मीठी चीजें खाते हैं, तो कुछ बैक्टीरिया इनसे एसिड बनाते हैं। यह एसिड दांतों के इनेमल से खनिजों को धीरे-धीरे कम कर सकता है। अगर ऐसा बार-बार होता है और दांतों को पर्याप्त देखभाल नहीं मिलती, तो दांतों में छोटे छेद बनने लगते हैं, जिन्हें कैविटी कहा जाता है।
मीठी चीजें बार-बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाने से भी दांतों को नुकसान हो सकता है, क्योंकि हर बार मुंह में एसिड बनने की प्रक्रिया दोबारा शुरू हो जाती है। खासकर चिपचिपी मिठाइयां, टॉफी और दांतों में फंसने वाले खाद्य पदार्थ लंबे समय तक दांतों के संपर्क में रह सकते हैं।

मीठा खाने से दांत पीले क्यों पड़ सकते हैं?
दांतों का पीलापन केवल मीठा खाने से नहीं होता, लेकिन ज्यादा चीनी का सेवन दांतों की समस्याओं को बढ़ा सकता है। मीठे खाद्य पदार्थों के अवशेष दांतों पर जमा रह जाएं और नियमित सफाई न हो, तो प्लाक बनने लगता है। समय के साथ प्लाक कठोर होकर टार्टर में बदल सकता है, जिस पर पीले या भूरे रंग के दाग दिखाई दे सकते हैं।
इसके अलावा चाय, कॉफी, तंबाकू, उम्र बढ़ने और दांतों के इनेमल के पतला होने से भी दांतों का रंग बदल सकता है। इसलिए दांतों का पीलापन दूर करने के लिए सिर्फ मीठा छोड़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मुंह की नियमित सफाई भी जरूरी है।

मीठा खाने के बाद तुरंत करें ये काम…

पानी से कुल्ला करें
मीठा खाने के बाद सादे पानी से अच्छी तरह कुल्ला करें। इससे मुंह में बचे खाद्य पदार्थों के कुछ अवशेष हटाने में मदद मिल सकती है। पानी पीने से मुंह में नमी बनाए रखने में भी मदद मिलती है।

तुरंत ब्रश करने से बचें, खासकर खट्टी चीजें खाने के बाद
अगर आपने मिठाई के साथ कोई खट्टी चीज या अम्लीय पेय लिया है, तो तुरंत ब्रश न करें। एसिड के कारण इनेमल कुछ समय के लिए नरम हो सकता है। ऐसी स्थिति में ब्रश करने से नुकसान बढ़ सकता है। लगभग 30 मिनट इंतजार करना बेहतर है। मीठा खाने के बाद भी नियमित ब्रश करने के समय का पालन करें और दिन में दो बार फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट से दांत साफ करें।

दिन में दो बार ब्रश जरूर करें
सुबह और रात को सोने से पहले फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट से करीब दो मिनट तक ब्रश करें। दांतों के आगे, पीछे और चबाने वाली सतहों की सफाई करें। ब्रश करते समय बहुत ज्यादा दबाव न डालें, क्योंकि इससे मसूड़ों और इनेमल को नुकसान पहुंच सकता है।

दांतों के बीच की सफाई करें
खाने के छोटे टुकड़े दांतों के बीच फंस सकते हैं, जहां सामान्य ब्रश आसानी से नहीं पहुंचता। इसलिए दिन में एक बार दांतों के बीच की सफाई के लिए डेंटल फ्लॉस या उपयुक्त इंटरडेंटल ब्रश का इस्तेमाल करें। इससे प्लाक कम करने में मदद मिल सकती है।

मीठा बार-बार खाने की आदत कम करें
दिनभर थोड़ी-थोड़ी देर में मिठाई, चॉकलेट या मीठे बिस्कुट खाने के बजाय मीठा सीमित मात्रा में और कम बार खाएं। मीठे पेय पदार्थों को बार-बार पीने से भी बचें। इससे दांतों पर एसिड के बार-बार होने वाले प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है।

दांतों का पीलापन दूर करने के लिए क्या करें?
दांतों का रंग बनाए रखने के लिए नियमित ब्रशिंग, दांतों के बीच सफाई और समय-समय पर दंत चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है। अगर दांतों पर टार्टर जम गया है, तो उसे घर पर ब्रश से पूरी तरह हटाना संभव नहीं होता। इसके लिए दंत चिकित्सक की मदद लेनी पड़ सकती है।
दांतों को सफेद करने के लिए नींबू, सिरका, नमक या बेकिंग सोडा से जोर-जोर से रगड़ने से बचें। इनके गलत इस्तेमाल से इनेमल को नुकसान पहुंच सकता है। अगर दांतों में दर्द, ठंडा-गर्म लगने या काले धब्बों की समस्या हो, तो जांच जरूर कराएं।
याद रखें मीठा पूरी तरह छोड़ना हर किसी के लिए जरूरी नहीं है, लेकिन इसका सेवन सीमित रखना और दांतों की नियमित सफाई करना महत्वपूर्ण है। सही देखभाल से कैविटी का खतरा कम करने और दांतों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।