Dharm Desk – घर में किसी को चोट लग जाए या शरीर में दर्द और सूजन हो, तो अक्सर बड़े-बुजुर्ग हल्दी वाला दूध पीने की सलाह देते हैं। इसे पारंपरिक तौर पर शरीर की रिकवरी में मददगार माना जाता है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर हल्दी वाला दूध चोट के बाद किस तरह मदद कर सकता है? इसके पीछे हल्दी में मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) नामक प्रमुख यौगिक को अहम माना जाता है।

हल्दी में पाए जाने वाले करक्यूमिन में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। चोट लगने के बाद शरीर में प्राकृतिक रूप से सूजन और इंफ्लेमेशन की प्रक्रिया शुरू होती है। यह शरीर की चोट से निपटने की सामान्य प्रतिक्रिया है। करक्यूमिन इस इंफ्लेमेटरी प्रक्रिया से जुड़े कुछ संकेतों को प्रभावित कर सकता है। यही वजह है कि हल्दी को सूजन और दर्द से राहत देने वाले खाद्य पदार्थों में गिना जाता है।आइए जानते हैं इससे कैसे आराम मिलता है।

सूजन कम करने में कैसे मदद करता है करक्यूमिन?

जब शरीर के किसी हिस्से में चोट लगती है, तो वहां रक्त प्रवाह और इम्यून सिस्टम की गतिविधि बढ़ जाती है। इसके कारण दर्द, लालिमा और सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। करक्यूमिन शरीर में सूजन से जुड़े कुछ रासायनिक रास्तों और अणुओं की गतिविधि को प्रभावित करता है। इससे हल्की सूजन और असहजता को कम करने में संभावित मदद मिल सकती है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हल्दी वाला दूध चोट की सूजन को तुरंत खत्म कर देता है या किसी गंभीर चोट का इलाज कर सकता है।

मांसपेशियों की रिकवरी में भी फायदा

चोट, अधिक व्यायाम या मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव पड़ने के बाद शरीर में मसल्स डैमेज और सूजन हो सकती है। कुछ शोधों में करक्यूमिन के सेवन को एक्सरसाइज के बाद होने वाले मसल soreness और इंफ्लेमेशन को कम करने में संभावित रूप से उपयोगी पाया गया है। ऐसे में संतुलित डाइट के साथ हल्दी का सेवन मांसपेशियों की सामान्य रिकवरी में सहायक हो सकता है।

क्या हड्डियों की चोट भी जल्दी ठीक करता है?

यहां थोड़ी सावधानी जरूरी है। हल्दी वाला दूध हड्डी जुड़ने की प्रक्रिया को सीधे तेज करता है, ऐसा मजबूत प्रमाण नहीं है। फ्रैक्चर या हड्डी की गंभीर चोट में डॉक्टर की सलाह, सही इमोबिलाइजेशन, पर्याप्त प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन डी और अन्य जरूरी पोषक तत्व ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। हल्दी वाला दूध केवल डाइट का एक हिस्सा हो सकता है।

हल्दी वाले दूध का सेवन कैसे करें?

रात में सोने से पहले गर्म दूध में थोड़ी मात्रा में हल्दी मिलाकर पीना आम तरीका है। स्वाद के लिए इसमें हल्की मात्रा में काली मिर्च भी डाली जाती है। काली मिर्च में मौजूद पाइपरिन करक्यूमिन के शरीर में अवशोषण को बढ़ा सकता है।