दक्षिणी दिल्ली की ओर जाने वाले मार्ग पर ट्रैफिक जाम (Traffice Jaam) की समस्या को कम करने के लिए दिल्ली सरकार(Delhi Government) रिंग रोड के सराय काले खां वाले हिस्से पर ट्रैफिक स्टडी कराने पर विचार कर रही है। शुक्रवार को एक लोक निर्माण विभाग (PWD) अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। अधिकारी के मुताबिक, इस संबंध में हाल ही में ट्रैफिक समस्या को लेकर हुई हाई-लेवल कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में चर्चा हुई। बैठक के दौरान दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सराय काले खां में भारी ट्रैफिक का मुद्दा उठाया।
भविष्य में ट्रैफिक और बढ़ने की संभावना
एक PWD अधिकारी ने बताया कि सराय काले खां मार्ग पर भविष्य में ट्रैफिक का दबाव बढ़ने की संभावना है, क्योंकि एक ही प्वाइंट पर मेट्रो, रेलवे और ISBT का मर्जर होगा। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस की ओर से व्यक्त की गई चिंता को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक स्टडी कराने पर चर्चा की गई है। हालांकि, इस पर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है।
PWD मुख्य एजेंसी
सड़कों की देखरेख करने वाली मुख्य एजेंसी लोक निर्माण विभाग (PWD) ने हाल में सराय काले खां समेत पूरे दक्षिणी दिल्ली नेटवर्क के लिए ट्रैफिक स्टडी की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य मौजूदा ट्रैफिक व्यवस्था और भविष्य में बढ़ने वाले दबाव का आकलन करना है।
जरूरत के मुताबिक हायर होगी एक्सपर्ट एजेंसी
अधिकारी ने बताया कि जरूरत पड़ने पर इस हिस्से के लिए एक एक्सपर्ट एजेंसी को हायर किया जा सकता है। यह एजेंसी अध्ययन करके बताएगी कि ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किस तरह के बदलाव करने की जरूरत है। यह मामला हाल में हुई हाई-लेवल कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में भी उठा था।
सराय काले खां क्यों है अहम ट्रांजिट एरिया?
सराय काले खां दिल्ली का एक प्रमुख ट्रांजिट एरिया है, जहां बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। इसकी एक वजह यह है कि यहां एक ही लोकेशन पर परिवहन के कई विकल्प मौजूद हैं। रिंग रोड का हिस्सा होने के कारण ITO से आश्रम की ओर जाने वाला ट्रैफिक और नोएडा व गाजियाबाद जैसे NCR शहरों से दक्षिणी दिल्ली की ओर आने-जाने वाला ट्रैफिक इसी मार्ग पर मिलता है। इसके चलते यहां अक्सर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और जाम की स्थिति बनती है।
ट्रांसपोर्ट हब के निर्माण से भी बढ़ रहा दबाव
सराय काले खां के पास रिंग रोड पर फिलहाल ट्रांसपोर्ट हब के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम चल रहा है। निर्माण कार्य के कारण भी इस हिस्से में ट्रैफिक की स्थिति प्रभावित हो रही है। इसके अलावा दक्षिणी दिल्ली से पूर्वी और उत्तरी दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी इसी नेटवर्क पर दबाव बढ़ाती है। ऐसे में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से इस इलाके में बढ़ते ट्रैफिक को लेकर चिंता जताई गई है।
मेट्रो, रेलवे और ISBT का भी होगा मर्जर
भविष्य में सराय काले खां में मेट्रो, रेलवे और ISBT के एक ही प्वाइंट पर जुड़ने से यहां यात्रियों और वाहनों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए PWD पूरे दक्षिणी दिल्ली नेटवर्क की ट्रैफिक स्टडी की योजना पर विचार कर रहा है। जरूरत पड़ने पर PWD इस काम के लिए किसी एक्सपर्ट एजेंसी को हायर कर सकता है, जो यह आकलन करेगी कि ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सड़क और यातायात प्रबंधन में किस तरह के बदलाव जरूरी हैं।
मास्टर प्लान में भी समाधान पर जोर
सराय काले खां में ट्रैफिक समस्या का उल्लेख हाल में मंजूर किए गए ‘दिल्ली मास्टर प्लान 2047’ में भी किया गया है। इसमें इस इलाके में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए कई उपाय सुझाए गए हैं। मास्टर प्लान में पैदल यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए स्काईवॉक, सबवे और फुटओवर ब्रिज जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का सुझाव दिया गया है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य पैदल यात्रियों और वाहनों की आवाजाही को अलग-अलग करना है, जिससे सड़क पर ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके।
एक ही जगह मिलते हैं कई परिवहन साधन
सराय काले खां दिल्ली का प्रमुख ट्रांजिट एरिया है, जहां बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। यहां मेट्रो, रेलवे और ISBT समेत परिवहन के कई विकल्प मौजूद हैं। इसके अलावा रिंग रोड पर ITO से आश्रम और NCR के शहरों से दक्षिणी दिल्ली की ओर आने-जाने वाला ट्रैफिक भी इसी नेटवर्क से गुजरता है। फिलहाल ट्रांसपोर्ट हब में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम चल रहा है। इसके कारण भी इस क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव बना हुआ है।
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