Business Desk – Wipro Share Hike Details : आईटी सेक्टर की कंपनी विप्रो के शेयर में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 6% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। शेयर 185.14 रुपए के दिन के हाई लेवल तक पहुंचा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में रेवेन्यू के मोर्चे पर बाजार की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया, हालांकि नेट प्रॉफिट में गिरावट दर्ज की गई।

इसके बावजूद ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने शेयर पर भरोसा जताया है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस 5% बढ़ाकर 200 रुपए कर दिया है। गुरुवार के 174 रुपए के क्लोजिंग प्राइस के मुकाबले यह करीब 15% की संभावित तेजी का संकेत है। दूसरी ओर, मोतीलाल ओसवाल ने 170 रुपए का टारगेट देते हुए शेयर पर न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखी है।
नोमुरा ने विप्रो का टारगेट 200 रुपए किया
दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद नोमुरा ने विप्रो के शेयर पर अपना भरोसा कायम रखा है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी के कारोबार में सुधार, मार्जिन में मजबूती और बड़े डील से आने वाले समय में शेयर को सहारा मिल सकता है।
नोमुरा के नए टारगेट प्राइस के मुताबिक, गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस से शेयर में करीब 15% की संभावित तेजी की गुंजाइश है। हालांकि, यह ब्रोकरेज का अनुमान है, इसकी गारंटी नहीं है।
EPS अनुमान में 5.5% तक बढ़ोतरी
नोमुरा ने वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2028 के लिए विप्रो की प्रति शेयर कमाई यानी EPS के अनुमान में 5.2% से 5.5% तक की बढ़ोतरी की है। इसकी प्रमुख वजह कंपनी का हाल में पूरा हुआ शेयर बायबैक है।
शेयर बायबैक में कंपनी अपने ही शेयर वापस खरीदती है। इससे बाजार में उपलब्ध शेयरों की संख्या घट सकती है और कंपनी की कुल कमाई समान रहने पर प्रति शेयर कमाई बढ़ सकती है।
रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन नेट प्रॉफिट में गिरावट
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में विप्रो का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 1.9% गिरकर 3,199.7 करोड़ रुपए रह गया। पिछली तिमाही के मुकाबले भी इसमें 4.67% की गिरावट आई।
हालांकि, इस दौरान कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू सालाना आधार पर 9.1% बढ़कर 24,752.7 करोड़ रुपए पहुंच गया। पिछली तिमाही के 24,478.6 करोड़ रुपए के मुकाबले रेवेन्यू में करीब 1.1% की बढ़ोतरी हुई।
यानी कंपनी की कमाई में बढ़ोतरी के बावजूद उसका नेट प्रॉफिट दबाव में रहा। निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाली तिमाहियों में रेवेन्यू की बढ़त मुनाफे में भी दिखाई देती है या नहीं।
मार्जिन में सुधार से नोमुरा को उम्मीद
विप्रो का EBITDA मार्जिन दूसरी तिमाही में करीब 16.4% रहा। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 40 बेसिस पॉइंट बेहतर है। नोमुरा का मानना है कि कंपनी में ऑपरेशनल सुधार जारी रहने पर मार्जिन को और सहारा मिल सकता है। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2028 के लिए मार्जिन 16.4% से 17% के बीच रहने का अनुमान दिया है।
मार्जिन में सुधार कंपनी की लागत और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसका असर कंपनी के वास्तविक नतीजों पर निर्भर करेगा।
तीसरी तिमाही के लिए विप्रो का गाइडेंस
विप्रो ने वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही के लिए कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान पिछली तिमाही के मुकाबले -1.5% से +0.5% के बीच रखा है। इस गाइडेंस में छुट्टियों और कामकाजी दिनों की कम संख्या का असर शामिल है। इन वजहों से ग्राहकों के प्रोजेक्ट पर काम प्रभावित हो सकता है। कंपनी का यह अनुमान बताता है कि अगली तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ की रफ्तार सीमित रह सकती है।
बड़े डील से कारोबार बढ़ने की उम्मीद
विप्रो ने दूसरी तिमाही में 9 बड़े डील साइन किए। इनमें नए कारोबार और मौजूदा ग्राहकों के साथ काम बढ़ाने से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। कंपनी के मैनेजमेंट के मुताबिक, कुछ बड़े डील कागजी प्रक्रिया में देरी के कारण तीसरी तिमाही तक खिसक गए। कंपनी को उम्मीद है कि ये डील पूरे होंगे और आने वाली तिमाहियों में बिजनेस पाइपलाइन को मजबूती मिलेगी।
हालांकि, कंपनी की कुल डील बुकिंग में सालाना आधार पर करीब 45% की गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बड़े डील कब पूरे होते हैं और उनका रेवेन्यू पर कितना असर पड़ता है।
विप्रो शेयर पर क्या है ब्रोकरेज की राय?
नोमुरा ने विप्रो का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 200 रुपए किया है और कंपनी के ऑपरेशनल सुधार, मार्जिन और बड़े डील से उम्मीद जताई है। वहीं, मोतीलाल ओसवाल ने 170 रुपए का टारगेट देते हुए न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखी है।
दोनों ब्रोकरेज की राय में अंतर बताता है कि शेयर को लेकर बाजार में उम्मीदें एक जैसी नहीं हैं। निवेशकों को कंपनी के रेवेन्यू, मुनाफे, मार्जिन और डील बुकिंग पर नजर रखनी चाहिए।
नोट: यह खबर ब्रोकरेज की राय और कंपनी के दिए गए आंकड़ों पर आधारित है, निवेश की सलाह नहीं। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है।

