Automobile Desk – World EV Day : हर साल 9 सितंबर को दुनिया भर में ‘विश्व ईवी दिवस’ (World EV Day) मनाया जाता है। इसका प्राथमिक उद्देश्य पारंपरिक ईंधन चालित वाहनों के स्थान पर पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन देना है। समय के साथ यह पहल केवल जागरूकता अभियान तक सीमित न रहकर एक वैश्विक आंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसमें वाहन निर्माता, तकनीक विकसित करने वाली कंपनियां, सरकारें और जागरूक नागरिक एक मंच पर आकर टिकाऊ परिवहन (Sustainable Mobility) पर चर्चा करते हैं।

इस पहल की शुरुआत वर्ष 2020 में वैश्विक मीडिया कंपनी Green.TV और प्रमुख प्रौद्योगिकी फर्म ABB के सहयोग से हुई थी। इलेक्ट्रिक वाहनों के फायदों को आम जनता तक पहुंचाने और स्वच्छ ऊर्जा वाले परिवहन विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए एक साझा दिवस की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। पहले ही वर्ष से इस अभियान को दुनिया भर के विभिन्न देशों, वाहन निर्माताओं और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने वाली संस्थाओं का व्यापक समर्थन मिला।

वर्ष 2026 में आयोजित हो रहा यह वैश्विक आयोजन अपने सफर के एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच चुका है। इस वर्ष का मुख्य ध्येय “Switching Electric: Driving Down the Cost of Motoring” रखा गया है। इसका सीधा तात्पर्य है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को केवल एक हरित विकल्प बनाने के बजाय आम उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक रूप से अधिक किफायती और व्यावहारिक बनाया जाए। मौजूदा दौर में उपभोक्ता वाहन खरीदते समय केवल पर्यावरण संरक्षण ही नहीं देखते, बल्कि वे दैनिक संचालन खर्च और रखरखाव की लागत की तुलना भी करते हैं। बैटरी प्रौद्योगिकी में हो रहे नए अनुसंधानों, स्थानीय स्तर पर विनिर्माण और प्रतिस्पर्धी मॉडलों के बाजार में आने से ईवी अब व्यापक आबादी की पहुंच में आ रहे हैं।

भारतीय बाजार में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के हालिया आंकड़े यह स्पष्ट दर्शाते हैं कि देश में दोपहिया, तीन पहिया और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ी है। अगस्त 2026 में देश भर में कुल 2,98,448 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीयन हुआ, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 52.9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि को दिखाता है। पारंपरिक ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लंबी अवधि में वाहनों के कम परिचालन खर्च ने भारतीय ग्राहकों को ईवी की ओर आकर्षित किया है।

वैश्विक स्तर पर कार्बन उत्सर्जन को कम करने और वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए परिवहन क्षेत्र में बदलाव अनिवार्य माना जा रहा है। विश्व ईवी दिवस इसी बदलाव को गति देने का एक जरिया है। चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार, बेहतर रेंज वाली बैटरियों का निर्माण और किफायती विकल्पों की उपलब्धता आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों को मुख्यधारा का साधन बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।