ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कौशांबी में दिल्ली के छात्र प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए शांतिपूर्ण विरोध को संवैधानिक अधिकार बताया. उन्होंने बाबरी, काशी-मथुरा के नाम पर राजनीति और मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर भी सवाल उठाए.

कौशांबी. ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कौशांबी में एक निजी कार्यक्रम के दौरान देश के राजनीतिक माहौल, दिल्ली में छात्र प्रदर्शनों और मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने छात्रों के विरोध का समर्थन करते हुए कहा कि अपने अधिकारों और इंसाफ की मांग करने वाले युवाओं को अपराधियों की तरह नहीं देखा जाना चाहिए.

छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन

मीडिया से बातचीत में मौलाना यासूब अब्बास ने दिल्ली में छात्रों के खिलाफ हो रही कार्रवाई और प्रशासनिक सख्ती पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है.

उन्होंने कहा कि रोजगार, भविष्य और अपने अधिकारों से जुड़े सवाल उठाने वाले युवाओं की बात सरकार को सुननी चाहिए. उनके मुताबिक, छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जाना जरूरी है.

धार्मिक मुद्दों पर राजनीति

मौलाना ने देश में धर्म और आस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर हो रही राजनीति पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और विकास जैसे बुनियादी मुद्दों के बजाय धार्मिक विवादों को राजनीतिक चर्चा में प्रमुखता दी जा रही है.

उन्होंने बाबरी, काशी और मथुरा का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इन मुद्दों के जरिए समाज को बांटने और वोट बैंक की राजनीति करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किए जाने से सामाजिक एकता प्रभावित हो सकती है.

मतदाता सूची पर जताई चिंता

मौलाना यासूब अब्बास ने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और मतदाताओं के नाम कटने की शिकायतों पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने चुनाव आयोग और प्रशासन से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटने न पाए.

उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के लिए मतदाता सूची की शुद्धता को जरूरी बताया. उनके अनुसार, लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए योग्य मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना आवश्यक है.