गोरखपुर. उत्तर प्रदेश में दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है. सीएम योगी गोरखपुर में वनटांगिया परिवारों के साथ दिवाली मना रहे हैं. इस दौरान उन्होंने मंच से बटन दबाकर आतिशबाजी की. कार्यक्रम में सांसद और अभिनेता रविकिशन भी मौजूद रहे. सीएम योगी ने उनकी चुटकी लेते हुए लोगों से कहा कि आप सभी सांसद जी के शीश महल में जाइए. वहां 5 हजार लोगों के लिए मिठाई और खाने का इंतजाम है.

उन्होंने एक बुजुर्ग महिला का किस्सा सुनाते हुए कहा कि वह उनसे कह रही थीं कि सांसद जी से कहिए, मुझे उनकी फिल्मों में काम करना है. इस मौके पर सीएम ने वनटांगिया परिवारों के लिए 82.41 करोड़ रुपये की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया.

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वनटांगिया परिवारों को 82 करोड़ की सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में 52 विकास परियोजनाओं की सौगात दी. इन परियोजनाओं की कुल लागत 82.41 करोड़ रुपये है. उन्होंने कहा कि वनटांगिया परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता रही है. योगी ने लोगों से अपने इतिहास और संघर्ष को याद रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को कभी वोट देने का अधिकार तक नहीं था, उन्हें अब आवास, बिजली और दूसरी सुविधाएं मिल रही हैं.

सीएम ने कहा कि सरकार ने वनटांगिया परिवारों को वोट बैंक नहीं, बल्कि अपना परिवार माना है. भगवान राम का भक्त होने के नाते हर वंचित, दलित और वनवासी को साथ लेकर चलने का काम किया गया है. उन्होंने कहा कि रामकाज ही राष्ट्रकाज है.

जुआ और नशे से दूर रहने की अपील

योगी आदित्यनाथ ने लोगों को जुए और नशे के नुकसान भी बताए. उन्होंने कहा कि जुआ व्यक्ति को गुलाम बना देता है. नशे और जुए की वजह से अच्छे-खासे परिवार बिखर जाते हैं. उन्होंने लोगों से इन बुराइयों से दूर रहने की अपील की. सीएम ने कहा कि माफिया के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब नशे के कारोबारियों पर प्रहार किया जा रहा है. जो लोग दूसरों का जीवन बर्बाद करते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने युवाओं से पढ़ाई करने और आगे बढ़ने की अपील की. साथ ही कहा कि युवाओं को नौकरी देने की जिम्मेदारी डबल इंजन सरकार उठाएगी.

रविकिशन ने सुनाई वनटांगिया परिवारों के संघर्ष की कहानी

कार्यक्रम में सांसद रविकिशन भावुक हो गए. उन्होंने वनटांगिया समुदाय के इतिहास का जिक्र किया. रविकिशन के मुताबिक, अंग्रेज करीब 100 साल पहले इन परिवारों को पेड़ लगाने के लिए लाए थे. इसके लिए बर्मा की टांगिया पद्धति अपनाई गई थी. इसी वजह से इन्हें वनटांगिया कहा गया. उन्होंने कहा कि पेड़ लग गए और अंग्रेज चले गए, लेकिन इन परिवारों की सुध लेने वाला कोई नहीं था. इनके पास आधार कार्ड और राशन कार्ड तक नहीं थे. इन्हें वोट देने का अधिकार भी नहीं था. रविकिशन ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने इनके अधिकारों के लिए संघर्ष किया. 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद वनटांगिया परिवारों को राजस्व गांव का दर्जा और कई सुविधाएं मिलीं.

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अयोध्या में रामलला के दर्शन, निषाद बस्ती में भी मनाई दिवाली

गोरखपुर पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना की. उन्होंने संतों के साथ भोजन भी किया. इस दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से मुलाकात की. सीएम ने निषाद बस्ती में भी लोगों के साथ दिवाली मनाई. वह घर-घर पहुंचे और लोगों को फल व मिठाई बांटी. इस तरह योगी ने अयोध्या से लेकर गोरखपुर तक दिवाली के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया.