गाजियाबाद में भाजपा की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा. कार्यक्रम के दौरान राजनगर एक्सटेंशन में भारी जाम लगा, पार्किंग भर गई और सुरक्षा कारणों से दुकानें व पेट्रोल पंप बंद रहे.

गाजियाबाद. गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा. हाथ में तिरंगा लेकर पदयात्रा में आगे बढ़े मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने और देश के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया. दूसरी ओर, कार्यक्रम के चलते राजनगर एक्सटेंशन में भारी यातायात जाम रहा और सुरक्षा व्यवस्था के तहत मुख्य मार्ग की दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान तथा पेट्रोल-सीएनजी पंप बंद कराए गए.

कांग्रेस पर साधा निशाना

दूधेश्वर नाथ की धरती पर आयोजित कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस अपने राजनीतिक हितों के लिए भारत के लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है. उन्होंने 1975 में आपातकाल लागू करने वाली कांग्रेस के लोकतंत्र की बात करने को हास्यास्पद बताया.

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की बदलती पहचान और विकास की गति को रोकने का प्रयास कर रहे हैं. उनके मुताबिक, दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रदर्शन का उद्देश्य भी सरकार के कामकाज में बाधा डालना है.

योगी ने कांग्रेस के पूर्व शासनकाल का जिक्र करते हुए कॉमनवेल्थ और कोयला घोटालों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के कारण कांग्रेस ने जनता का विश्वास खोया. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2014 से पहले देश आतंकवाद, नक्सलवाद और भ्रष्टाचार से जूझ रहा था, जबकि अब भारत दुनिया की शीर्ष चार अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है.

राहुल गांधी पर तंज

अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा. उन्होंने परीक्षा में बार-बार असफल होने वाले विद्यार्थी का उदाहरण देते हुए तंज कसा कि हर बार नतीजा खराब आने पर विद्यार्थी अपनी गलती स्वीकारने के बजाय कभी कॉपी बदलने, कभी पाठ्यक्रम से बाहर सवाल आने और कभी पेन की स्याही खत्म होने का बहाना बनाता है.

मुख्यमंत्री ने इस उदाहरण के जरिए कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति पर कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार अपनी विफलताओं के लिए अलग-अलग कारण बताती है.

राम मंदिर और विकास का जिक्र

योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि रामलला को करीब 500 वर्षों तक तंबू में रहना पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने राम भक्तों का विरोध किया था. मुख्यमंत्री के मुताबिक, अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान भी दोनों दल शामिल नहीं हुए, क्योंकि वे इसका विरोध कर रहे थे.

उन्होंने दलितों के लिए लाखों प्रधानमंत्री आवास बनाए जाने और गाजियाबाद में पूर्वांचल तथा उत्तराखंड भवन के निर्माण का भी उल्लेख किया. साथ ही कहा कि प्रदेश में पहले सड़कों की स्थिति खराब थी, लेकिन अब एक्सप्रेसवे का विस्तार हुआ है और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाया जा रहा है.

किसानों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने को किसानों के सम्मान से जोड़ा. उन्होंने कहा कि किसानों को आर्थिक सहायता और आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है. उनके अनुसार, इससे किसानों की स्थिति में सुधार हुआ है और वे खुशहाल हैं.

सरकार की उपलब्धियां गिनाईं

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि 80 करोड़ लोगों को राशन उपलब्ध कराया गया, 56 करोड़ बैंक खाते खोले गए, 12 करोड़ शौचालय बनाए गए और 3.30 करोड़ आवासों का निर्माण हुआ है.

कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस कठिन दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के साथ खड़े रहे. सरकार ने लोगों को मुफ्त राशन और मुफ्त टीके की सुविधा उपलब्ध कराई. योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इन व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए थे.

राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जवानों पर हमले होने के बाद कांग्रेस की ओर से केवल कार्रवाई पर विचार करने की बात कही जाती थी, जबकि अब आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है. उन्होंने दावा किया कि भारत की ओर देखने की हिम्मत करने से पहले दुश्मन कई बार सोचते हैं.

कांग्रेस और सपा पर आरोप

योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर चुनाव आयोग, ईवीएम और एसआईआर को लेकर सवाल उठाकर अपनी राजनीतिक असफलताओं का ठीकरा दूसरी संस्थाओं पर फोड़ने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के 20 राज्यों में खाते तक नहीं खुले हैं और कई राज्यों में पार्टी लंबे समय से सत्ता से बाहर है.

समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने उसके शासनकाल में हुए दंगों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सपा की चार सरकारों के दौरान प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों के बीच नकारात्मक धारणा बनी हुई थी. उन्होंने सपा के झंडे वाली गाड़ियों को लेकर प्रचलित कहावत का भी उल्लेख किया.

मुख्यमंत्री ने 1 नवंबर 1985 को सिखों के कत्लेआम का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय पार्टी शोक मनाने के बजाय जश्न मना रही थी. योगी ने विपक्ष के मौजूदा आंदोलन को लोकतंत्र बचाने की जगह अपने राजनीतिक परिवारों को बचाने की कोशिश बताया.

नेताओं ने भी विपक्ष को घेरा

मुख्यमंत्री से पहले गाजियाबाद के सांसद अतुल गर्ग, उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा और मुरादनगर के विधायक अजीतपाल त्यागी ने भी सभा को संबोधित किया.

अतुल गर्ग ने कहा कि प्रधानमंत्री के पिता के खिलाफ की गई टिप्पणी का जवाब देने के लिए लोग यहां एकत्र हुए हैं. वहीं, सुनील शर्मा ने कहा कि विपक्ष अराजकता के जरिए सफल नहीं हो सकता. उन्होंने कांग्रेस से भगवान राम से माफी मांगने की बात भी कही. विधायक अजीतपाल त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि 16 साल पहले देश भ्रष्टाचार में डूबा हुआ था.

पदयात्रा में उमड़ी भीड़

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय ध्वज हाथ में लेकर पदयात्रा में आगे बढ़े. उन्हें देखने के लिए सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में समर्थक और आम लोग जमा हुए. लोगों ने नारेबाजी और पुष्प वर्षा के साथ उनका स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने भी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया.

पूरे मार्ग पर पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी और मुख्यमंत्री के आसपास सुरक्षा घेरा बनाया गया था. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री का काफिला हिंडन की ओर रवाना होने वाला था. उनके हिंडन आगमन को देखते हुए संबंधित मार्ग पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई थी.

राजनगर एक्सटेंशन में जाम

पदयात्रा में शामिल होने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और नेता पहुंचे. इसके चलते राजनगर एक्सटेंशन में सुबह से ही वाहनों की आवाजाही बढ़ गई. मुख्य सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगने से आम लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा.

सुबह 10 बजे से यातायात का दबाव बढ़ने लगा था. सड़क के दोनों ओर वाहनों की पार्किंग के कारण रास्ते संकरे हो गए. सुबह 11:30 बजे तक प्रशासन की ओर से निर्धारित पार्किंग स्थल भर चुके थे. इसके बाद कई बसें और अन्य वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए गए.

जनसभा स्थल पर भी भीड़ इतनी अधिक थी कि कई लोगों को अंदर जाने की जगह नहीं मिली. ऐसे में बड़ी संख्या में समर्थक कार्यक्रम देखे बिना ही वापस लौट गए. जाम के कारण नौकरीपेशा लोगों को भी परेशानी हुई और वे समय पर अपने कार्यालय नहीं पहुंच सके. स्थानीय निवासियों ने व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई और अव्यवस्था के लिए तैयारी में कमी को जिम्मेदार बताया.

दुकानें और पंप बंद

मुख्यमंत्री की पदयात्रा को देखते हुए राजनगर एक्सटेंशन के मुख्य मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद करा दिया गया था. फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित अन्य दुकानों के अलावा पेट्रोल और सीएनजी पंपों का संचालन भी रोक दिया गया.

पुलिस और प्रशासन ने बुधवार रात 12 बजे से ही प्रतिष्ठान बंद कराने शुरू कर दिए थे. पेट्रोल और सीएनजी पंपों के प्रवेश द्वारों पर बैरिकेड लगाकर आवाजाही रोक दी गई. कामकाज बंद होने और बिक्री ठप पड़ने के कारण कई दुकान और पंप संचालकों को कर्मचारियों की छुट्टी करनी पड़ी.

एचपीसीएल पंप के संचालक संदीप त्यागी ने बताया कि सुरक्षा कारणों से पंप बंद रखने के निर्देश मिले थे. बिक्री नहीं होने के कारण कर्मचारियों को छुट्टी देनी पड़ी.

हिंडन मार्ग पर भी रोक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुबह 11:50 बजे हिंडन एयरपोर्ट पहुंचने की सूचना के बाद एयरपोर्ट की ओर आने-जाने वाले मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई. पुलिस ने दोनों तरफ का यातायात रोककर सड़क को खाली कराया. सुरक्षा कारणों से सड़क किनारे लोगों के खड़े होने पर भी रोक लगा दी गई.

व्यापारियों के मुताबिक, कार्यक्रम समाप्त होने और प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद ही दुकानें तथा पेट्रोल पंप दोबारा खोले जा सकेंगे. मुख्य मार्ग बंद रहने से स्थानीय निवासियों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.