लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां स्कन्दमाता की आराधना के अवसर पर नारीशक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व को राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ते हुए अपनी बात रखी. उन्होंने विगत साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में बेटियों की शिक्षा और कल्याण के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए स्कूल ड्रॉपआउट रेट में कमी और विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के आंकड़े साझा किए.
योगी ने एक्स पर लिखा कि ‘वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी माँ स्कन्दमाता की आराधना हमें यह पावन संदेश देती है कि जब नारीशक्ति स्वस्थ, शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल होता है. वर्ष 2017 से पहले बेटियों को संबल देने के बजाय पूर्ववर्ती सरकारें केवल अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं. प्रदेश में माताओं का स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा घोर उपेक्षा एवं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी. अस्पतालों की बदहाली, दवाओं का अभाव और संस्थागत प्रसव की लचर व्यवस्था के कारण मातृ-शिशु मृत्यु दर चिंताजनक स्थिति में थी. विगत साढ़े 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदलने का काम किया है.’
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‘सुविधाओं के अभाव में प्रदेश की लाखों बेटियां पढ़ाई छोड़ने को मजबूर थीं. लेकिन विगत 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र तैयार किया है. ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का सैचुरेशन 36% से बढ़कर 96% से ज्यादा हो गया है. वहीं, स्कूल ड्रॉपआउट रेट 20% से घटकर 3% से भी कम रह गया है. अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिक व वंचित वर्ग की बेटियों को आधुनिक, विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा मिल रही है. कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा के विस्तार से बेटियों को अपनी शिक्षा पूरी करने के अवसर मिल रहे हैं. बेटियों की शिक्षा में निवेश, उनके आत्मविश्वास और प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने का निवेश है.’

