मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी के दर्शन के बाद जनसभा को संबोधित किया और सपा-कांग्रेस पर परिवारवाद को लेकर निशाना साधा. उन्होंने विंध्य कॉरिडोर, रोजगार, कानून-व्यवस्था और उत्तर प्रदेश के विकास कार्यों का जिक्र किया.

मिर्जापुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को मिर्जापुर के विंध्याचल धाम में मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन किए और निर्माणाधीन गंगा घाट का निरीक्षण किया. इसके बाद उन्होंने शिक्षक विधान परिषद प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने विंध्य कॉरिडोर के निर्माण और प्रदेश में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया.

विंध्य कॉरिडोर पर क्या बोले

मुख्यमंत्री ने कहा कि विंध्य कॉरिडोर, विंध्य घाट, काली खोह और अष्टभुजा मंदिर में विकास कार्यों के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. उनके मुताबिक, दूसरे राज्यों में जाने पर भी लोग विंध्यवासिनी धाम में बने भव्य कॉरिडोर की चर्चा करते हैं.

योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले विकास के लिए उपलब्ध धन का इस्तेमाल कब्रिस्तानों की बाउंड्री बनाने में किया जाता था. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस तरह के कथित दुरुपयोग को रोककर विकास कार्यों पर ध्यान दिया है.

सपा-कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा और कांग्रेस परिवार केंद्रित राजनीति करती हैं, जिसके कारण जनता ने उन्हें अलग-थलग कर दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले विकास का दायरा सैफई और रायबरेली तक सीमित था, जबकि अब प्रदेश के हर जिले और गांव में विकास कार्य हो रहे हैं.

राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने सपा पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पार्टी ने एक प्रत्याशी चाचा को और दूसरे को मुंबई के धन्ना सेठ को बनाया. उन्होंने पीडीए का नारा देने वाली सपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रत्याशियों में किसी मुस्लिम, दलित या पिछड़े वर्ग के व्यक्ति को जगह नहीं दी गई. उन्होंने टिप्पणी की कि कम से कम किसी मुस्लिम को ही प्रत्याशी बनाया जा सकता था.

रोजगार और विकास का मुद्दा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने साढ़े नौ लाख युवाओं को नौकरी दी है. उन्होंने भाजपा की ओर से आम कार्यकर्ता को प्रत्याशी बनाए जाने का जिक्र करते हुए सपा के पीडीए नारे पर भी टिप्पणी की. उन्होंने विपक्ष पर शिक्षा का विरोध करने और स्पष्ट नीति व दिशा के अभाव का आरोप लगाया.

योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की छवि में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश को ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ के रूप में देखा जाता था, जबकि अब इसकी पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ से बन रही है. उन्होंने ओडीओपी योजना को प्रदेश की आर्थिक समृद्धि का आधार बताया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की पहचान बेहतर कानून-व्यवस्था और औद्योगिक विकास से बन रही है. उनके मुताबिक, प्रदेश के प्रत्येक जिले और गांव में विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं.