लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राजनीतिक स्वार्थ के लिए संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहा है और SIR को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है. चुनाव आयोग ने भी कहा है कि वह मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव प्रक्रिया के संचालन के लिए संवैधानिक संस्था है.
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‘SIR पहली बार नहीं हो रहा’
सीएम योगी ने कहा कि SIR पहली बार नहीं कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पहले भी अलग-अलग वर्षों में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया हो चुकी है. चुनाव आयोग के 2025 के आदेश में भी पूर्व में 1952-56, 1957, 1961, 1965, 1966, 1983-84, 1987-89, 1992, 1993, 1995 और 2003 में एसआईआर हुआ था.
विपक्ष पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल SIR को लेकर लगातार भ्रम पैदा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक देश में शासन किया है, लेकिन अब लगातार चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है. उन्होंने समाजवादी पार्टी, आरजेडी और अन्य विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा.
‘जनता खारिज करती है तो आयोग को दोष’
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विपक्षी दल अपनी नीतियों और कथित अराजकता के कारण जनता के बीच समर्थन खोते हैं तो वे इसका दोष चुनाव आयोग पर डालते हैं. उन्होंने विपक्ष की मौजूदा बयानबाजी को लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए नुकसानदायक बताया.
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चुनाव आयोग के पास मतदाता सूची की जिम्मेदारी
चुनाव आयोग के मुताबिक, संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत उसे चुनावों के संचालन और मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया पर निगरानी और नियंत्रण का अधिकार प्राप्त है. आयोग की वेबसाइट पर SIR-2026 के तहत पुराने मतदाता रिकॉर्ड और संबंधित सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं.


