मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुष्टिकरण की राजनीति को आतंकवाद बढ़ने का कारण बताते हुए संतुष्टीकरण की नीति को रामराज्य का आधार बताया. उन्होंने राम मंदिर, दीपोत्सव और विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा.
बरेली. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुष्टिकरण की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि जब-जब देश में तुष्टिकरण को बढ़ावा दिया गया, तब-तब आतंकवाद बढ़ा. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की नीति किसी वर्ग विशेष का तुष्टिकरण करने के बजाय हर नागरिक का संतुष्टीकरण करना है. यही रामराज्य की अवधारणा है, जहां बिना किसी भेदभाव के सभी को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है.
कार्यक्रम में जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आस्था, भारतीय संस्कृति, राम मंदिर निर्माण और प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता के बावजूद लोगों के बीच बनी एकता और अटूट आस्था है.
आस्था से जुड़ी भारत की पहचान
मुख्यमंत्री ने दुनिया के 200 देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि हर देश की अपनी उपलब्धियां और चुनौतियां हैं. भारत और चीन की आबादी दुनिया में सबसे अधिक है, लेकिन भारत की विशेषता यह है कि यहां अनेक भाषाएं और बोलियां होने के बावजूद लोगों की भावनात्मक एकता बनी हुई है. उन्होंने इसका श्रेय देश की मजबूत आस्था को दिया.
रामकथा और रामलीला की परंपरा का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इसकी जड़ें हजारों वर्ष पुरानी हैं. पंडित राधेश्याम की रामायण ने इस परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है और आज भी लोग इसे आगे बढ़ा रहे हैं.
उन्होंने राम मंदिर निर्माण को लंबे समय से चली आ रही आस्था से जुड़ी प्रतीक्षा का परिणाम बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों तक रामभक्तों को इस पीड़ा का सामना करना पड़ा कि रामलला टेंट में विराजमान हैं. करीब 500 वर्षों के इंतजार के बाद अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है.
रामभक्तों के लिए बदला समय
मुख्यमंत्री ने 2 नवंबर को अयोध्या में अपनी मौजूदगी का जिक्र करते हुए कहा कि यह वही तारीख है, जब अतीत में रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं. उन्होंने बताया कि दीपोत्सव की तैयारियों से जुड़ी बैठक के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि एक ही दिन में एक लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे थे.
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले रामभक्तों को समस्याओं का सामना करना पड़ता था, जबकि अब उनके लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर कभी रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं, आज उसी अयोध्या में श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए जाते हैं.
आगामी 7 नवंबर को होने वाले दीपोत्सव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम के आगमन की खुशी में दीप जलाए जाएंगे. उन्होंने इन दीपों को केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के विकास से जुड़ी भावना का आधार बताया.
विकास को बताया रामराज्य
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मंदिरों में जाने का उद्देश्य मन की नकारात्मकता को दूर करना भी है. उनके मुताबिक, जहां नकारात्मकता होती है, वहां असंतोष पनपता है, जबकि श्रद्धा और आस्था से सकारात्मक सोच विकसित होती है. उन्होंने कहा कि आज देशवासी नए भारत को देख रहे हैं.
सरकारी धन के इस्तेमाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भ्रष्टाचार में बर्बाद होने वाला पैसा अब मंदिरों के जीर्णोद्धार, सड़कों के निर्माण और गरीबों को राशन उपलब्ध कराने जैसे कार्यों में खर्च किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि यही रामराज्य की भावना है, जिसमें किसी के साथ भेदभाव किए बिना सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचाया जाता है. मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य किसी एक वर्ग को विशेष लाभ देना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का संतुष्टीकरण सुनिश्चित करना है.

