योगी कैबिनेट ने अमृत-2.0 के तहत वाराणसी और लखनऊ में पेयजल एवं सीवरेज से जुड़ी सात परियोजनाओं के व्यय प्रस्ताव को मंजूरी दी है. बैठक में झांसी और ललितपुर में कुल 65 हजार मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम को निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली.
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में वाराणसी और लखनऊ के लिए पेयजल एवं सीवरेज से जुड़ी सात परियोजनाओं के व्यय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इसके साथ ही झांसी और ललितपुर में कुल 65 हजार मीट्रिक टन क्षमता के भंडारगृह बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम को निशुल्क भूमि देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली.
वाराणसी में सीवरेज विस्तार
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि अटल नवीकरण और शहरी रूपांतरण मिशन-2.0 (अमृत-2.0) के तहत वाराणसी के पुराने ट्रांस वरुणा क्षेत्र के डिस्ट्रिक्ट-2बी और 2सी जोन में सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने की योजनाएं शामिल हैं. नवविस्तारित क्षेत्रों के साथ लहरतारा-चितईपुर जोन में भी सीवरेज नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा.
इन परियोजनाओं से वाराणसी में करीब 8 लाख 52 हजार लोगों को सीवरेज सुविधा मिलने का अनुमान है. संबंधित क्षेत्रों में सीवरेज व्यवस्था का शत-प्रतिशत कवरेज हासिल करना इसका लक्ष्य है.
पेयजल व्यवस्था में सुधार
वाराणसी में पेयजल आपूर्ति मजबूत करने के लिए पुराने ट्रांस वरुणा क्षेत्र के डिस्ट्रिक्ट-2बी और 2सी जोन में विस्तार एवं सुधार कार्य किए जाएंगे. इसके अलावा नवविस्तारित लहरतारा और चितईपुर जोन में भी पेयजल संबंधी परियोजनाएं शामिल हैं. इनके पूरा होने पर लगभग 8 लाख 22 हजार लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा मिलने की उम्मीद है.
लखनऊ में अमृत-2.0 के तहत पेयजल डिस्ट्रिक्ट-डी में ऐशबाग, आलमनगर और केशरीखेड़ा वार्ड के लिए परियोजना को मंजूरी दी गई है. इससे करीब 1 लाख 56 हजार लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और संबंधित क्षेत्र में शत-प्रतिशत कवरेज का लक्ष्य रखा गया है.
परियोजनाओं के लिए बजट
सुरेश कुमार खन्ना के अनुसार, सातों परियोजनाओं के लिए केंद्रांश के रूप में 696.42 करोड़ रुपये, राज्यांश के रूप में 1,866.40 करोड़ रुपये, निकायांश के रूप में 222.85 करोड़ रुपये और सेंटेज के लिए 113.95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इन योजनाओं का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है.
बुंदेलखंड में बनेंगे गोदाम
कैबिनेट ने झांसी और ललितपुर में भंडारगृहों के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम को निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. दोनों जिलों में कुल 65 हजार मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनाए जाएंगे, जहां किसानों की कृषि उपज को सुरक्षित तरीके से रखा जा सकेगा.
योजना के तहत झांसी में लगभग 30 हजार मीट्रिक टन और ललितपुर में 35 हजार मीट्रिक टन क्षमता के भंडारगृह बनाए जाने हैं. इनमें दलहन, तिलहन, श्री अन्न यानी ज्वार-बाजरा और अन्य कृषि उपज के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक भंडारण की सुविधा मिलेगी.
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि इन गोदामों से किसानों को राहत मिलेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान बुंदेलखंड में भंडारण सुविधाओं को बढ़ावा देने और गोदाम निर्माण के लिए संबंधित विभागों के समन्वय से भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे.

