अजयारविंद नामदेव, शहडोल। दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रहे युवा कांग्रेस नेताओं को शहडोल में ही पुलिस ने डिटेन कर लिया,मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रस्तावित धरना प्रदर्शन में शामिल होने निकले युवा कांग्रेस नेताओं की ट्रेन तो छूटने वाली थी, लेकिन दिल्ली पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उन्हें रेलवे स्टेशन पर रोक लिया। उत्कल एक्सप्रेस से रवाना हो रहे जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम समेत पांच नेताओं को पुलिस ने डिटेन कर कोतवाली पहुंचाया। कई घंटे थाने में बैठाने के बाद देर रात सभी को रिहा कर दिया गया। अब सवाल यह है कि आखिर दिल्ली के आंदोलन में शामिल होने जा रहे युवा कांग्रेस नेताओं को शहडोल में ही क्यों रोक लिया गया, इसे एहतियाती कार्रवाई कहें या विरोध की आवाज को रास्ते में ही रोकने की कोशिश, फिलहाल, पुलिस की कार्रवाई ने जिले में सियासी हलचल तेज कर दी है।

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे शहडोल के युवा कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर ही रोक लिया। उत्कल एक्सप्रेस से दिल्ली रवाना होने की तैयारी कर रहे युवा कांग्रेस पदाधिकारियों को पुलिस ने डिटेन कर सिटी कोतवाली पहुंचाया, यहां कई घंटे बैठाए रखने के बाद देर रात सभी को रिहा कर दिया गया, कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया और युवा कांग्रेस नेताओं ने पुलिस के इस कदम पर नाराजगी जाहिर की है।

 

युवा कांग्रेस के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में आयोजित प्रस्तावित आंदोलन में शामिल होने के लिए रवाना हो रहे थे, इसी दौरान शहडोल रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस की कार्रवाई में युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम, प्रदेश महासचिव अभिषेक शुक्ला, जिला महासचिव शेख आबिद, जयसिंहनगर विधानसभा अध्यक्ष शेख शाजिल और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता सत्यम प्रजापति को डिटेन किया गया पुलिस सभी नेताओं को सिटी कोतवाली ले गई, जहां उन्हें कुछ घंटे बैठाए रखने के बाद देर रात छोड़ दिया गया। हालांकि, पुलिस की ओर से इस कार्रवाई के पीछे की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।


युवा कांग्रेस के जिला महासचिव शेख आबिद ने बताया कि सभी नेता उत्कल एक्सप्रेस से दिल्ली जाने के लिए रवाना हुए थे, लेकिन रेलवे स्टेशन पर ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद सभी को कोतवाली ले जाया गया और देर रात रिहा किया गया,युवा कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे सरकार के दबाव में आने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने के लिए उनका प्रयास जारी रहेगा। 

अब सवाल यह है कि दिल्ली में प्रस्तावित राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे नेताओं को शहडोल में ही क्यों रोका गया, पुलिस की कार्रवाई के पीछे की वजह सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी, फिलहाल, रेलवे स्टेशन पर हुई इस कार्रवाई ने जिले की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m