हेमंत शर्मा, इंदौर। चाय-नाश्ते के पैसे नहीं देने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक की जान चली गई। करीब ढाई साल पुराने इस हत्या मामले में इंदौर की अदालत ने आरोपी सुरेश उर्फ बिल्लू कैथवास को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।यह फैसला 29 सितंबर 2026 को नवम अपर सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार चंदेल की अदालत ने बाणगंगा थाने के सत्र प्रकरण क्रमांक 443/2024 में सुनाया।
नाश्ते के पैसे मांगे तो शुरू हुआ विवाद
अभियोजन के मुताबिक, घटना 5 मार्च 2024 की रात करीब 8:30 बजे की है। बाणगंगा थाना क्षेत्र में स्थित चाय-नाश्ते की दुकान पर लल्ला उर्फ कार्तिक और उसका रिश्तेदार सुरेश उर्फ बिल्लू पहुंचे थे।दोनों ने नाश्ता किया। जब दुकान संचालक के भाई सुनील चौबे ने नाश्ते के पैसे मांगे तो विवाद शुरू हो गया।आरोप है कि इसी दौरान गाली-गलौज हुई और विवाद बढ़ता चला गया।
जान बचाने भागे सुनील, पीछे दौड़े आरोपी
अभियोजन की कहानी के मुताबिक, विवाद के दौरान सुरेश उर्फ बिल्लू ने अपने पास रखा चाकू निकाल लिया। खतरा देखकर सुनील वहां से जान बचाने के लिए घर की ओर भागे।आरोप है कि लल्ला उर्फ कार्तिक ने सुनील को पकड़ लिया और बिल्लू ने चाकू से उन पर हमला कर दिया।हमले में सुनील गंभीर रूप से घायल हो गए और तेजी से खून बहने लगा।
अस्पताल ले गए, डॉक्टर ने मृत घोषित किया
घटना के बाद परिवार के लोग सुनील को इलाज के लिए एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।घटना में बीच-बचाव के दौरान एक अन्य व्यक्ति के हाथ में चोट लगने की बात भी अभियोजन ने अदालत के सामने रखी।इसके बाद बाणगंगा थाने में हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
चाकू बरामद, 8 गवाहों की गवाही
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का नक्शा तैयार किया, मृतक का पोस्टमार्टम कराया, गवाहों के बयान दर्ज किए और आरोपियों को गिरफ्तार किया। घटना में इस्तेमाल चाकू भी जब्त किया गया।अभियोजन की ओर से मामले में 8 गवाहों के बयान अदालत के सामने कराए गए।मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण की सूची में शामिल किया गया था। अभियोजन संचालनालय के मुताबिक, मामले की हर महीने समीक्षा भी की जाती रही।
अदालत ने सुनाई उम्रकैद
सुनवाई के बाद अदालत ने सुरेश उर्फ बिल्लू को हत्या के मामले में दोषी माना और धारा 302 भादवि के तहत आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।शासन की ओर से इस मामले में विशेष लोक अभियोजक सुरेंद्र सिंह वास्केल ने पैरवी की।एक मामूली लेन-देन से शुरू हुआ विवाद हत्या तक पहुंच गया। अब अदालत के फैसले के बाद दोषी आरोपी को उम्रभर जेल में रहना होगा।
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