दीपक भारद्वाज,पलवल। हरियाणा के पलवल जिले में पुरानी रंजिश के चलते एक दलित युवक पर जानलेवा हमला करने के मामले में चांदहट थाना पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस वारदात के दूसरे मुख्य आरोपी विष्णु को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक (SP) नीतीश अग्रवाल के निर्देश पर जिला पुलिस लगातार इस मामले के आरोपियों पर शिकंजा कस रही है।

अंबेडकर जयंती रैली से लौटते वक्त घेरा, जातिसूचक शब्द कहे
उप पुलिस अधीक्षक (DSP) मनोज वर्मा ने बताया कि यह पूरी वारदात 14 अप्रैल की रात की है। गांव लोहागढ़ के रहने वाले प्रदीप ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, उनका बेटा तनिश अपने दोस्त अमित के साथ बाइक पर सवार होकर रसूलपुर में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की रैली में गया था।
रात करीब 8 बजे जब दोनों दोस्त वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में 6-7 बाइकों पर सवार होकर आए 18-20 बदमाशों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। मीसा नाले के पास इन हमलावरों ने दोनों दोस्तों को चारों तरफ से घेर लिया। आरोपियों ने पहले तो तनिश के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उसे अपमानित किया। इस बीच अमित किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकला, लेकिन आरोपियों ने तनिश को अकेले पाकर लाठी-डंडों और हथियारों से बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया।
पुलिस का कड़ा एक्शन, एक आरोपी पहले ही जा चुका है जेल
पीड़ित पिता की शिकायत पर चांदहट थाना पुलिस ने नामजद आरोपियों और 15-20 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट (SC-ST Act) और जानलेवा हमले की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पहले ही एक आरोपी विनेश को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
डीएसपी का सख्त बयान
विवेचना टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए 18 मई को दूसरे मुख्य आरोपी विष्णु (निवासी गांव कुशक) को भी दबोच लिया है। आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा बरामद कर लिया गया है। कोर्ट में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।”
पुलिस प्रशासन का साफ कहना है कि इस हिंसक वारदात में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। बाकी बचे फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही वे भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

