ZOFF Foods Know The Brand campaign: मसालों में मिलावट और उनकी गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से ZOFF Foods ने ‘Know The Brand’ डिजिटल अवेयरनेस कैंपेन शुरू किया है। कंपनी का कहना है कि उपभोक्ताओं को मसाले खरीदते समय केवल कीमत, पैकेजिंग या ब्रांड के नाम पर निर्भर रहने के बजाय उनकी सोर्सिंग, सफाई, प्रोसेसिंग, टेस्टिंग और पैकेजिंग से जुड़े सवाल भी पूछने चाहिए।

त्योहारी सीजन से पहले शुरू किए गए इस कैंपेन को कंपनी ने क्विक-कॉमर्स-फर्स्ट पहल के तौर पर पेश किया है। इसका फोकस खास तौर पर साबुत मसालों की गुणवत्ता और उपभोक्ता जागरूकता पर है।
Chef Natasha Gandhi भी कैंपेन का हिस्सा
कंपनी की डिजिटल एंबेसडर शेफ़ नताशा गांधी (Chef Natasha Gandhi) भी इस अभियान से जुड़ी हैं। ZOFF Foods के को-फाउंडर आकाश अग्रवाल से बातचीत में उन्होंने मसालों की गुणवत्ता, मिलावट की पहचान और ZOFF की processing प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछे।
कंपनी के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं को किसी मसाले को खरीदने से पहले केवल उसकी कीमत देखने के बजाय उसके ब्रांड, सोर्सिंग, प्रोसेसिंग और गुणवत्ता के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए प्रेरित करना है।
‘ZOFF’ का मतलब क्या है?
कैंपेन से जुड़ी बातचीत में ZOFF Foods के को-फाउंडर आकाश अग्रवाल ने बताया कि ZOFF का अर्थ ‘Zone Of Fresh Food’ है। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य केवल एक ब्रांड नाम तक सीमित नहीं है, बल्कि मसालों की प्राकृतिक ताजगी को उत्पादन से लेकर उपभोक्ता के इस्तेमाल तक बनाए रखने की सोच से जुड़ा है।

आकाश अग्रवाल ने कहा कि मसाले प्रकृति से मिलते हैं और कंपनी की जिम्मेदारी है कि उनकी प्राकृतिक गुणवत्ता और ताजगी को ज्यादा से ज्यादा बरकरार रखते हुए उन्हें उपभोक्ता तक पहुंचाया जाए।
मसालों में मिलावट को लेकर चिंता
आकाश अग्रवाल ने मसालों में मिलावट की समस्या को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता कई बार दूसरे उत्पादों की तरह मसालों में ब्रांड और गुणवत्ता पर उतना ध्यान नहीं देते और कीमत को प्राथमिकता देते हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि लाल मिर्च में रंग, काली मिर्च में दूसरे बीज, जीरा पाउडर में सस्ती मिलावट और हल्दी में रंग या अन्य पदार्थ मिलाए जाने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं।
घर पर मसालों की मिलावट कैसे पहचानें?
आकाश अग्रवाल ने बताया कि कई मसालों में मिलावट की शुरुआती जांच पानी के जरिए की जा सकती है। उन्होंने लाल मिर्च, काली मिर्च, जीरा, हल्दी और खसखस को ऐसे मसालों के उदाहरण के तौर पर बताया, जिनमें मिलावट की आशंका पर उपभोक्ता सतर्क रह सकते हैं।
‘खेत से पैकेट तक’ सफाई और टेस्टिंग पर जोर
ZOFF Foods का कहना है कि कच्चे मसाले खेतों से आने के बाद सीधे पीसने के लिए नहीं भेजे जाते। कंपनी के मुताबिक, उनके यहां कच्चे माल की सफाई के लिए अलग प्रक्रिया और क्लीनिंग यूनिट है।
आकाश अग्रवाल ने बताया कि खेतों से आने वाले कच्चे माल में पत्थर, धातु के टुकड़े, कांच, धागे या अन्य बाहरी अशुद्धियां हो सकती हैं। कंपनी के अनुसार, इन्हें पीसने से पहले अलग करना जरूरी है।
उन्होंने यह भी बताया कि ZOFF में कच्चे माल से लेकर तैयार मसाले तक कई स्तरों पर टेस्टिंग की जाती है। कंपनी का दावा है कि वह FSSAI के निर्धारित मानकों के साथ अपने आंतरिक गुणवत्ता मानकों का भी पालन करती है और हर 3 से 6 महीने में बाहरी लैब से टेस्टिंग कराती है।
मसालों की खुशबू को लेकर क्या कहा?
कैंपेन में मसालों की प्राकृतिक खुशबू को लेकर भी चर्चा हुई। आकाश अग्रवाल के मुताबिक, मसालों में मौजूद प्राकृतिक तेल उनकी खुशबू और कई गुणों का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ज्यादा तापमान पर पीसने के दौरान इन प्राकृतिक तेलों के प्रभावित होने की संभावना रहती है।
ZOFF Foods के अनुसार, इसी वजह से कंपनी Cool Grinding Technology का इस्तेमाल करती है। कंपनी का दावा है कि इस तकनीक से पीसने के दौरान पैदा होने वाली अत्यधिक गर्मी को नियंत्रित किया जाता है, जिससे मसालों के प्राकृतिक तेल और खुशबू को बनाए रखने में मदद मिलती है।
ZOFF Foods में 4-लेयर जिप-लॉक पैकेजिंग
कंपनी ने पैकेजिंग को भी मसालों की गुणवत्ता बनाए रखने का अहम हिस्सा बताया। ZOFF Foods के मुताबिक, उसके उत्पादों में 4-लेयर जिप-लॉक पैकेजिंग का इस्तेमाल किया जाता है, जिसका उद्देश्य मसालों की ताजगी और प्राकृतिक सुगंध को लंबे समय तक बनाए रखना है।
‘सवाल करो, हमसे भी’ – आकाश अग्रवाल
ZOFF Foods के को-फाउंडर आकाश अग्रवाल ने कहा कि भारत दुनिया के प्रमुख मसाला उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल है, लेकिन शुद्धता, गुणवत्ता और मिलावट जैसी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को रोज इस्तेमाल होने वाले मसालों को लेकर सवाल पूछने चाहिए, जैसे मसाले कहां से लिए गए, उन्हें कैसे साफ और प्रोसेस किया गया और उनकी टेस्टिंग किस तरह हुई।
आकाश अग्रवाल के मुताबिक, ‘Know The Brand’ अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं में सवाल पूछने की आदत विकसित करना और ब्रांड्स को अपने ग्राहकों के प्रति अधिक जवाबदेह बनाना है। कैंपेन का संदेश है—“Sawaal karo! Humse bhi!”
2018 में शुरू हुई थी ZOFF Foods
ZOFF Foods की स्थापना 2018 में आकाश अग्रवाल और आशीष अग्रवाल ने की थी। रायपुर से शुरु हुई यह कंपनी साबुत और ब्लेंडेड मसालों के साथ-साथ ड्राई फ्रूट्स, सीजनिंग, इम्युनिटी बूस्टर और सुविधा आधारित खाद्य उत्पादों के क्षेत्र में काम करती है।
कंपनी के अनुसार, उसके उत्पाद ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के अलावा आधुनिक रिटेल स्टोर्स पर भी उपलब्ध हैं। कंपनी ने हाल ही में Series A funding हासिल करने की जानकारी भी साझा की है।
‘Know The Brand’ कैंपेन के जरिए ZOFF Foods अब मसालों की खरीदारी को सिर्फ कीमत और पैकेजिंग तक सीमित न रखकर गुणवत्ता, शुद्धता, सोर्सिंग और खाद्य सुरक्षा से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
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