चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट ने शंभू बॉर्डर समेत नेशनल हाईवे के सभी मार्गों को खोलने के लिए लगाई जाने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। इस याचिका के खारिज होने से किसानों को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगने से किसानों को उनका रास्ता साफ होने की उम्मीद थी, लेकिन अब वह भी खत्म हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई इस याचिका में पंजाब के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर (जहां किसान प्रदर्शन कर रहे हैं) अवरोधों को तत्काल हटाने और आम जनता के लिए सुगम यातायात सुनिश्चित करने की बात कही गई थी , लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसमें सुनवाई से ही इनकार कर दिया है।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने कहा कि मामला पहले से ही अदालत के समक्ष लंबित है और वह एक ही मुद्दे पर बार-बार याचिकाओं पर विचार नहीं कर सकती। पीठ ने याचिकाकर्ता गौरव लूथरा से कहा कि हम पहले से ही बड़े मुद्दे की जांच कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा आप समाज के विवेक के रक्षक नहीं हैं। बार-बार याचिकाएं दायर न करें। कुछ लोग प्रचार के लिए और कुछ लोग दर्शकों को आकर्षित करने के लिए याचिकाएं दायर कर रहे हैं। हम एक ही मुद्दे पर बार-बार याचिकाओं पर विचार नहीं कर सकते।
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