सुमन चौहान, करनाल। हरियाणा के करनाल जिले के निसिंग कस्बे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां भारतीय जनसंघ के संस्थापक और महान राष्ट्रभक्त डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि यानी उनके बलिदान दिवस पर एक विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के कार्यकारी वाइस चेयरमैन सुभाष चंद्र मुख्य रूप से पहुंचे। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और इलाके के गणमान्य लोगों के साथ मिलकर डॉ. मुखर्जी के चित्र पर फूल चढ़ाए और उन्हें नमन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सुभाष चंद्र ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक नेता नहीं थे, बल्कि वह राष्ट्रवाद की एक ऐसी मजबूत विचारधारा के प्रतीक थे जिन्होंने देश की एकता के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर में अलग संविधान, अलग निशान और अलग प्रधान के खिलाफ डॉ. मुखर्जी ने जो ऐतिहासिक संघर्ष किया, वह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में हमेशा सुनहरे अक्षरों में लिखा रहेगा। उनका बलिदान हमें सिखाता है कि देश के हित से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता। आज भारत दुनिया में जो मजबूती दिखा रहा है, उसमें ऐसे महान राष्ट्रभक्तों के त्याग का बड़ा योगदान है।

श्रद्धांजलि सभा के बाद लगा विशाल भंडारा

इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद मंडल अध्यक्ष मोहन लोधी और जेबीटी कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष व प्रसिद्ध समाजसेवी भारत भूषण कपूर सहित कई वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है। इस खास मौके पर जेबीटी कल्याण सेवा समिति की ओर से एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और राहगीरों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति और जनसेवा का संकल्प लिया गया।