राकेश कथूरिया, कैथल: आने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर कैथल जिले में तैयारियां अभी से जोर पकड़ने लगी हैं। जिला प्रशासन और आयुष विभाग ने शिक्षा विभाग के साथ मिलकर एक बेहतरीन पहल की है। इसके तहत कैथल के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए विशेष ‘योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण शिविर’ लगाए जा रहे हैं। इन कैंपों के जरिए बच्चों को योग के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे बचपन से ही एक अच्छी और स्वस्थ जीवनशैली को अपना सकें।
अफसरों की देखरेख में चल रही ट्रेनिंग, मास्टर ट्रेनर्स सिखा रहे गुर
स्कूलों में चल रहे इस बड़े अभियान पर बड़े अधिकारी खुद नजर रखे हुए हैं। पूरे कार्यक्रम का आयोजन जिला परिषद के सीईओ (CEO Zila Parishad) और योग दिवस के नोडल अधिकारी सुरेश राविश की देखरेख में किया जा रहा है। साथ ही जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शकुंतला दहिया भी लगातार इसका मार्गदर्शन कर रही हैं। स्कूलों में बच्चों को सही तरीके से योगासन सिखाने के लिए आयुष योग सहायकों और शारीरिक शिक्षा अध्यापकों (PTIs) की ड्यूटी लगाई गई है, जो एक्सपर्ट की तरह बच्चों को ट्रेनिंग दे रहे हैं।
ताड़ासन से लेकर सूर्य नमस्कार तक का अभ्यास, प्राणायाम के फायदे भी बताए
शिविर के दौरान स्कूलों का माहौल पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। मैदान में रंग-बिरंगी मैट पर बैठे छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, त्रिकोणासन और सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar Routine) का अभ्यास किया। इसके अलावा बच्चों को मानसिक शांति के लिए अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और कपालभाति जैसे प्राणायाम की बारीकियां भी सिखाई गईं। योग शिक्षकों ने बच्चों को बहुत ही आसान और खेल-खेल के तरीके से हर आसन के फायदे समझाए।
मोबाइल की लत छूटेगी, बढ़ेगी बच्चों की याददाश्त
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शकुंतला दहिया ने कहा कि, आजकल के बच्चे अपना ज्यादातर समय मोबाइल स्क्रीन, टीवी और वीडियो गेम्स पर बिता रहे हैं। इस वजह से उनकी शारीरिक गतिविधियां बहुत कम हो गई हैं। ऐसे दौर में योग ही एक ऐसा जरिया है, जो बच्चों को शारीरिक और मानसिक दोनों रूपों से फिट रख सकता है। नियमित योग करने से बच्चों की स्मरण शक्ति (Memory Power), आत्मविश्वास और फोकस बढ़ता है। इससे उनकी इम्यूनिटी भी मजबूत होती है और पढ़ाई का तनाव कम होता है।”
प्रबंधन ने जिले के सभी स्कूल प्रिंसिपलों और मुखियों से अपील की है कि वे अपनी सुबह की प्रार्थना सभा (Morning Assembly) में बच्चों को रोजाना कम से कम 15 मिनट योग करने के लिए प्रेरित करें।

