गोहाना के एसडीएम अंकित कुमार ने सरकारी और पंचायती जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए सख्त समयसीमा तय की है। उन्होंने अधिकारियों को एक महीने में नोटिस देने और तीन महीने में जमीन खाली कराने का आदेश दिया।
संजीव घनगस,सोनीपत। हरियाणा के गोहाना में पंचायती भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। एसडीएम अंकित कुमार ने शुक्रवार (22 मई 2026) को जनहित में एक बड़ा फैसला लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने साफ किया कि सार्वजनिक संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों को सर्वे करने के आदेश
एसडीएम अंकित कुमार ने गोहाना, मुंडलाना और कथूरा ब्लॉक के बीडीपीओ, गोहाना की तहसीलदार शिखा और खानपुर की नायब तहसीलदार अंजू के साथ अहम बैठक की। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में तुरंत सर्वे कर अवैध कब्जों की एक विस्तृत सूची तैयार करने का जिम्मा सौंपा है।

एक महीने में नोटिस देने का नियम
प्रशासनिक योजना के अनुसार, चिन्हित किए गए सभी कब्जाधारियों को एक महीने के भीतर कानूनी नोटिस जारी किए जाएंगे। इस अवधि में उन्हें स्वयं ही पंचायती जमीन, सार्वजनिक रास्तों, तालाबों और खेल के मैदानों को खाली करने का मौका दिया जाएगा ताकि वे अपनी सहमति से अतिक्रमण हटा सकें।

तीन महीने में होगी बड़ी कार्रवाई
यदि नोटिस मिलने के बाद भी तय समय के भीतर कब्जा नहीं हटाया जाता है, तो प्रशासन सख्त रुख अपनाएगा। एसडीएम ने निर्देश दिया है कि आगामी तीन महीनों के भीतर प्रशासनिक बल का प्रयोग करते हुए सभी अवैध कब्जों को पूरी तरह से ढहा दिया जाए और जमीन मुक्त कराई जाए।

लापरवाही करने पर गाज गिरना तय
एसडीएम ने चेतावनी दी है कि इस अतिक्रमण हटाओ अभियान में किसी भी स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पूरी टीम को निर्धारित समयसीमा के अंदर काम पूरा करने और इस अभियान की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से मुख्य कार्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं।
जनहित कार्यों में होगा भूमि का उपयोग
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य पंचायती जमीन को मुक्त कराकर उसका उपयोग ग्रामीणों की भलाई के लिए करना है। जोहड़, खेल मैदान और रास्तों पर कब्जे होने से ग्रामीणों को रोज काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मुक्त कराई गई इस सामुदायिक भूमि पर अब जनहित के विकास कार्य करवाए जाएंगे।

