गन्नौर। गन्नौर के डबरपुर गांव में करीब 2 एकड़ में स्थापित बायोमास पेलेट प्लांट का केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र कादियान ने उद्घाटन किया। दोनों ने रिबन काटने के बाद प्लांट का निरीक्षण किया। प्लांट में पराली, तूड़ी, कपास अवशेष और गन्ने की पत्तियों जैसे कृषि अवशेषों से बायोमास पेलेट तैयार किए जाएंगे। इनका इस्तेमाल थर्मल पावर स्टेशनों में कोयले के साथ सह-दहन के लिए होगा। इससे पराली जलाने के साथ प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी।

मंत्री रेड्डी ने कहा कि यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में अहम कदम है। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर पैदा करने और देश के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष को अब बेकार समझकर जलाने की जरूरत नहीं है। किसान सीजन में पराली और तूड़ी प्लांट को बेचकर अतिरिक्त आमदनी कर सकते हैं। युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनने के लिए प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश में बिजली उत्पादन में थर्मल पावर की बड़ी भूमिका है। बारिश के दौरान कोयला उत्पादन प्रभावित होने से बिजली आपूर्ति पर दबाव आता है। ऐसे में बायोमास जैसे वैकल्पिक ईंधन ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में उपयोगी होंगे। उन्होंने प्लांट को देशहित और ग्रीन एनर्जी की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

विधायक देवेंद्र कादियान ने कहा कि प्लांट में प्रतिदिन करीब 50 टन बायोमास पेलेट तैयार करने की क्षमता है। कृषि अवशेषों के उपयोग से खेतों में पराली जलाने की घटनाएं कम होंगी और किसानों को अतिरिक्त आय मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे पहले प्लांट के एमडी दिक्षीत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री और विधायक का बुके देकर स्वागत किया।

कार्यक्रम में जिला पार्षद सीता गुलिया, डबरपुर सरपंच सुनील कुमार, सिटावली के सरपंच नरेंद्र, पवन माहरा, पूर्व सरपंच कुलदीप, ब्लॉक समिति सदस्य राजेश,​ मनिंदर सन्नी, यशपाल बाबा, आनंद मलिक, बंटी पहलवान और सुनील जांगड़ा समेत ग्रामीण मौजूद रहे।