प्रतापगढ़. लीलापुर थाना क्षेत्र में संविदा पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर सौरभ उर्फ मोनू विश्वकर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी दरोगा तिवारी उर्फ विपिन तिवारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. वहीं घटना के 24 घंटे बाद भी परिजनों ने अंतिम संस्कार नहीं किया है और वे नामजद सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं.

कैसे हुई घटना

हरिहरपुर सिंधौर गांव निवासी करीब 30 वर्षीय सौरभ उर्फ मोनू विश्वकर्मा लालगंज के पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में संविदा पर कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे. बीते गुरुवार रात बाइक से घर लौटते समय लक्ष्मणपुर के पास कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर मारपीट की.

घटना के बाद गंभीर हालत में सौरभ को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

तीन आरोपी गिरफ्तार

अपर पुलिस अधीक्षक बृजनंदन राय के मुताबिक, पुलिस ने नामजद 41 वर्षीय आरोपी दरोगा तिवारी उर्फ विपिन तिवारी पुत्र स्वर्गीय अवधेश तिवारी को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना के दौरान उसके हाथ में डंडा था और उसने उसी से सौरभ विश्वकर्मा के साथ मारपीट की थी.

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने डंडे को ग्राम शिव भोज मोड़ के पास झाड़ियों में छिपा दिया था, जिसे बरामद कर लिया गया है. इसके अलावा सौरव तिवारी और संजय कुमार उर्फ मोंटू उपाध्याय को भी गिरफ्तार किया गया है.

मृतक के पिता मोतीलाल विश्वकर्मा की तहरीर पर सौरभ तिवारी, दरोगा तिवारी, अशोक तिवारी, सोनू तिवारी, अनुज तिवारी, संजय तिवारी और छह अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

इन मांगों पर अड़े परिजन

परिजनों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के अलावा आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और एक शस्त्र लाइसेंस देने की मांग की है. परिवार अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है और अभी तक सौरभ का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है.

सपा प्रवक्ता का आरोप

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संदीप विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि चार महीने पहले इन आरोपियों ने सौरव विश्वकर्मा के घर पर हमला किया था. उनका कहना है कि उस समय पुलिस-प्रशासन ने सहयोग किया होता तो सौरभ आज जीवित होते.

संदीप विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है और हत्या के मामले को दुर्घटना में बदलने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर कठोर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए आरोपियों के बीजेपी से संबंध होने का भी दावा किया.

उन्होंने कहा कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, वे वहां से नहीं हटेंगे.