दिल्ली में कूड़े के निस्तारण और बिजली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए MCD के वेस्ट-टू-एनर्जी (WTE) प्लांटों का विस्तार किया जाएगा। इससे रोजाना कूड़े के निस्तारण की क्षमता बढ़ने के साथ बिजली उत्पादन में भी इजाफा होगा। दिल्ली नगर निगम (MCD) के सदन की सोमवार को हुई बैठक में ओखला, गाजीपुर और अन्य वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांटों (energy plant) के विस्तार से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। निगम के मुताबिक, इन संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने के बाद रोजाना बड़ी मात्रा में कचरे का निस्तारण किया जा सकेगा।

59 से बढ़कर 103 मेगावाट होगी बिजली उत्पादन क्षमता

तीन ऊर्जा संयंत्रों की क्षमता बढ़ने के बाद MCD की बिजली उत्पादन क्षमता में भी बड़ा इजाफा होगा। वर्तमान में निगम इन संयंत्रों के जरिए करीब 59 मेगावाट बिजली का उत्पादन करता है। विस्तार के बाद यह क्षमता बढ़कर लगभग 103 मेगावाट हो जाएगी। यानी WTE प्लांटों की क्षमता में करीब 44 मेगावाट की बढ़ोतरी होगी। इससे कचरे से बिजली बनाने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा और दिल्ली में रोजाना उत्पन्न होने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी।

ओखला प्लांट में 1,000 MT प्रतिदिन बढ़ेगी क्षमता

ओखला ऊर्जा संयंत्र की मौजूदा क्षमता 1,550 मीट्रिक टन प्रतिदिन है। विस्तार के बाद यहां रोजाना 2,550 मीट्रिक टन कचरे को संसाधित किया जा सकेगा। इसके साथ ही प्लांट की बिजली उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी। मौजूदा 23 मेगावाट से बढ़कर करीब 30 से 35 मेगावाट बिजली उत्पादन होने की क्षमता होगी।

गाजीपुर में 2,300 MT तक कचरे का निस्तारण

गाजीपुर स्थित WTE प्लांट की क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में यहां 1,300 मीट्रिक टन प्रतिदिन कचरे को संसाधित किया जाता है। विस्तार के बाद यह क्षमता बढ़कर 2,300 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो जाएगी। बिजली उत्पादन की क्षमता भी 12 मेगावाट से बढ़कर 28 मेगावाट तक पहुंच जाएगी।

नरेला-बवाना में 3,000 MT से अधिक कचरा होगा प्रोसेस

नरेला-बवाना स्थित ऊर्जा संयंत्र की क्षमता भी बढ़ाने की योजना है। वर्तमान में यहां रोजाना करीब 2,000 मीट्रिक टन कचरे को संसाधित किया जाता है। विस्तार के बाद यह क्षमता 3,000 मीट्रिक टन से अधिक प्रतिदिन हो जाएगी। इसके साथ ही बिजली उत्पादन क्षमता 24 मेगावाट से बढ़कर करीब 40 मेगावाट प्रतिदिन हो जाएगी। महापौर प्रवेश वाही के मुताबिक, सदन की कार्यवाही करीब साढ़े तीन घंटे चली। इस दौरान ऊर्जा संयंत्रों के विस्तार और RWA को पार्कों के रखरखाव के लिए दी जाने वाली राशि बढ़ाने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में दिल्ली में आवारा पशुओं और मच्छरजनित बीमारियों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

पार्षदों और अधिकारियों की ओर से इन समस्याओं से निपटने के उपायों पर विचार किया गया। नेता सदन जय भगवान यादव ने बताया कि MCD के ऊर्जा संयंत्रों की क्षमता बढ़ने से रोजाना करीब 3,000 मीट्रिक टन अतिरिक्त कचरे का निस्तारण, रिसाइक्लिंग और प्रसंस्करण किया जा सकेगा। उनके मुताबिक, दिल्ली में हर दिन करीब 12,500 मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न होता है। प्लांटों की क्षमता बढ़ने के बाद MCD रोजाना करीब 11,000 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण करने में सक्षम होगा। इससे पहले निगम ऊर्जा संयंत्रों और अन्य माध्यमों के जरिए रोजाना करीब 8,100 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण, रिसाइक्लिंग और प्रसंस्करण करता था। क्षमता विस्तार के बाद इसमें करीब 3,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन की अतिरिक्त क्षमता जुड़ जाएगी।

RWA को पार्कों के रखरखाव के लिए मिलेंगे 13,500 रुपये प्रति एकड़

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने निगम के अधीन आने वाले पार्कों के रखरखाव के लिए RWA को दी जाने वाली वित्तीय सहायता राशि बढ़ा दी है। अब प्रति एकड़ पार्क के रखरखाव के लिए RWA को हर महीने 13,500 रुपये की राशि आवंटित की जाएगी। पहले यह राशि 8,660 रुपये प्रति एकड़ प्रति माह थी। यानी अब इसमें 4,840 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। MCD के मुताबिक, यह योजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के तहत संचालित की जाती है।

लैंडफिल साइटों पर जैव खनन में तेजी

MCD सदन की बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। राजधानी की तीनों प्रमुख लैंडफिल साइट भलस्वा, ओखला और गाजीपुर में जैव खनन (बायोमाइनिंग) की प्रक्रिया में तेजी लाने से जुड़े प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के घोघा डेयरी में 200 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले बायोगैस-सीएनजी प्लांट के संचालन से जुड़ा प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। यह प्लांट 20 वर्ष तक संचालित करने का प्रस्ताव है।

अस्पतालों में मेडिकल गैस सप्लाई को भी मंजूरी

MCD के हिंदू राव अस्पताल समेत निगम के अन्य बड़े अस्पतालों में मेडिकल गैस की आपूर्ति से संबंधित प्रस्ताव को भी सदन ने मंजूरी दी। इससे अस्पतालों में मेडिकल गैस की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।

आवारा पशुओं से परेशान लोग

सदन में पार्षदों ने बताया कि उनके वार्डों में सड़कों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर इनके कारण यातायात प्रभावित होने और नागरिकों के लिए मुश्किलें पैदा होने की शिकायतें सामने आईं। महापौर ने संबंधित अधिकारियों को मामले में आवश्यक कदम उठाने और समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जलभराव पर विपक्ष का प्रदर्शन

सदन की बैठक में विपक्ष ने सफाई व्यवस्था और जलभराव को लेकर सत्ता पक्ष पर निशाना साधा। विपक्षी पार्षद विरोध जताने के लिए सदन में बोट लेकर पहुंचे और सत्ता पक्ष के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही करीब 20 मिनट तक स्थगित करनी पड़ी।

सफाई व्यवस्था पर नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि दिल्ली में सफाई व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में लोग कूड़े के ढेर से परेशान हैं। उन्होंने सोमवार को हुई तेज बारिश के बाद राजधानी के कई हिस्सों में हुए जलभराव का भी मुद्दा उठाया। विपक्ष का आरोप है कि जल निकासी व्यवस्था और नालों की सफाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया।

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