लुधियाना. लुधियाना के दरेसी मैदान में आज 125 फुट ऊँचा रावण जलाया जाएगा. शहर में सुरक्षा बनाए रखने के लिए विभिन्न मेलों में 2500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. इस रावण की लागत लगभग 2 लाख रुपये है. दरेसी मेले को लेकर शहरवासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है.
इस बार रावण को खास रूप देने के लिए वह राजा-महाराजाओं की जैकेट पहनेगा और उसके हाथ में 15 फुट लंबी तलवार होगी, जिसमें आतिशबाजी होगी. जैकेट को कंप्यूटराइज्ड डिजाइन से बनाया गया है. आग लगने के बाद रावण के पुतले से अलग-अलग रंगों की लाइटें निकलेंगी.
2 लाख रुपये की लागत से बना रावण आगरा से आए कारीगर अकील ने बताया कि वह 2004 से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले बना रहा है. यह पुतला दरेसी मैदान में तैयार किया जा रहा है, जो पूरे पंजाब में सबसे बड़ा है. पिछले साल लुधियाना में 120 फुट का रावण बनाया गया था, लेकिन इस बार इसकी ऊँचाई और बढ़ा दी गई है. इसकी कीमत लगभग 2 लाख रुपये है.
45 दिनों में तैयार होते हैं पुतले अकील खान ने बताया कि ऑर्डर मिलने के बाद आगरा में ही मिट्टी से सभी पुतले तैयार किए जाते हैं. इन पुतलों को बनाने में लगभग 45 दिन लगते हैं. इसके लिए वह 20 कारीगर लेकर आते हैं. ये कारीगर विभिन्न क्षेत्रों के दशहरा मैदानों में पुतले तैयार कर भेजते हैं. कुंभकर्ण और मेघनाथ के भी पुतले तैयार किए गए हैं, जो 60 फुट ऊँचे हैं और प्रत्येक पुतले की लागत 1 लाख रुपये है. ये पुतले दो क्रेनों की मदद से बनाए जाते हैं.

सिविल इंजीनियर का परिवार बना रहा है रावण
अकील खान ने बताया कि उसका मामा इमरान सिविल इंजीनियर है. रावण बनाने के पारिवारिक काम के चलते उसने नौकरी छोड़ दी. उनका परिवार 1992 से रावण बनाने का काम कर रहा है. यह उनकी तीसरी पीढ़ी है. उसकी एक बहन है जो एक सरकारी स्कूल में अध्यापक है. जब काम बहुत ज्यादा होता है, तो वह भी रावण बनाने में उसकी मदद करती है.
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