अहमदाबाद/वडनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर उनके जन्मस्थान वडनगर में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। अमित शाह ने पीएम मोदी के 25 वर्षों के लंबे और ऐतिहासिक सार्वजनिक जीवन की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए विपक्ष पर जोरदार हमले बोले। शाह ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूरे जीवन को संक्षेप में बयां करना हो, तो उसे केवल दो शब्दों में समेटा जा सकता है—‘भारत प्रथम’ (Nation First)।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल की मौजूदगी में शर्मिष्ठा झील के समीप आयोजित इस भव्य कार्यक्रम से अमित शाह और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने वडनगर से वाराणसी जाने वाली बाइक यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
25 साल का बेदाग सफर और अटूट विश्वास
जनसभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में पीएम मोदी के कुशल नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी बिना कोई चुनाव हारे लगातार विजय पथ पर आगे बढ़ रही है, जो देश की जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि बिना किसी राजनीतिक या पारिवारिक पृष्ठभूमि के, पीएम मोदी ने अपने साहस, कड़ी मेहनत और लगन के बल पर देश-दुनिया में अपनी एक खास पहचान बनाई है। अपने 25 साल के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने बिना एक भी दिन की छुट्टी लिए देश सेवा की है और उन पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा है। शाह ने पीएम मोदी की तुलना कमल से करते हुए कहा कि राजनीति के दलदल में काम करते हुए भी उनका व्यक्तित्व पूरी तरह स्वच्छ और अछूता रहा है।
2014 के बाद देश में आया सकारात्मक बदलाव
2014 से पहले के राजनीतिक परिदृश्य का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि उस समय देश में चारों ओर निराशा का माहौल था। भ्रष्टाचार के अनगिनत आरोप और आंतरिक व बाहरी सुरक्षा की चिंताएं आम नागरिकों को सता रही थीं। हालांकि, 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश को एक नई दिशा, ऊर्जा और नया आत्मविश्वास मिला।
उन्होंने आगे कहा कि जब पूरा देश निराशा के गर्त में हो, तब 140 करोड़ नागरिकों में सामूहिक आत्मविश्वास जगाना बहुत बड़ी चुनौती थी। पीएम मोदी ने इस चुनौती को स्वीकार किया और आज पूरा देश 2047 तक भारत को एक ‘विकसित और अग्रणी राष्ट्र’ बनाने के संकल्प के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है। शाह ने पद्म पुरस्कारों की पारदर्शी व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि एक समय था जब पुरस्कारों के लिए दिल्ली के सत्ता के गलियारों से सिफारिशी पत्र जुटाने पड़ते थे, जिसे मोदी सरकार ने पूरी तरह से बदलकर आम जनता को समर्पित कर दिया है।
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